प्रयागराज। होम्योपैथिक दवा को लेकर अक्सर लोगों में भ्रांतियां रहती हैं कि यह धीरे-धीरे काम करती हैं। ऐसा नहीं है। ये दवाएं पुरानी बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखती हैं। एलर्जी, बुखार, पथरी, गांठ या किसी भी बीमारी में परहेज बरते तो इस दवा से सदैव के लिए रोग से मुक्ति मिल जाएगी। यह बात गायत्री होम्योपैथिक क्लीनिक एन्ड रिसर्च सेंटर रन कर रहे डॉ शरद चन्द्र राय ने कही।
उन्होंने कहा कि वो किसी भी रोग के मरीज की बीमारी के लिए होम्योपैथिक दवा से इलाज कर रहे है। अब तक 25 हजार से भी ज्यादा मरीज उनके इलाज से ठीक हो चुके है। उन्होंने बताया आज की तारीख में पूरी दुनिया में 30 करोड़ से भी ज्यादा लोग होम्योपैथी में भरोसा करते हैं। आधुनिकता के इस दौर में होम्योपैथिक दवाएं भी अब एडवांस और बहुत ही असरदार तरीके से बीमारी को पूरी तरह ठीक करती है। एलोपैथी इलाज जहां बीमारियों का पता लगाने, जांच करने व लम्बे समय तक महंगे खर्चीले इलाज का हिस्सा बनता जा रहा है। वहीं बीमारी को दबाने की बजाय उसे पूरी तरह जड़ से खत्म करने के लिए होम्योपैथी आज भी ज्यादा भरोसेमंद है। एलोपैथी भले ही रोग को दबाकर तुरंत राहत देती है, लेकिन होम्योपैथी मर्ज को समझ कर उसकी जड़ को खत्म करती है। यह शरीर के उसी अंग विशेष या उसी बीमारी का इलाज करती है, जो परेशानी में है।
उन्होंने कहा कि साथ ही होम्योपैथी ने पहले मनुष्य के शरीर की बीमारियों को उसके भावनात्मक और मानसिक जीवन के साथ जोड़कर देखना और समझना शुरू किया है। इसके कोई साइड इफेक्ट नही है। रोगों को ठीक करने के लिए होम्योपैथी को अपनाना चाहिए।



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