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दुकान पर कब्जे से परेशान महिला ने फांसी लगाकर दी जान, दुकानें बंदकर राजमार्ग पर पूरे दिन हंगामा

सदर विधायक पर भी लोगों ने जताई नाराजगी, एसपी के समझाने पर माने
चिलबिला चौकी प्रभारी व पांच सिपाहियों को एसपी ने किया सस्पेंड, जांच के आदेश
प्रतापगढ़। दुकान पर जबरन कब्जा होने से घर की दिव्यांग महिला ने जान ने दी। उसने सुसाइड नोट लिखकर व वीडियो में अपने तीन भाइयों व कुछ भू-माफिया को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। घटना के विरोध में चिलबिला के व्यापारी दुकानें सड़क पर उतर आए। करीब छह घंटे तक प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। समझाने गए विधायक से नोकझोंक करके उनको लौटा दिया। यही नहीं आक्रोशित भीड़ ने चिलबिला चौकी पुलिस को मौके से खदेड़ दिया व पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।चिलबिला के मौर्या चौराहा स्थित सगे भाई सचिन व मनीष का दुकान के बंटवारे को लेकर तीन दिन से विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते ब्यूटी पार्लर चलाने वाली उसकी बहन 45 साल की कंचन ने रविवार सुबह पहले फेसबुक पर सुसाइड नोट व उसके बाद वीडियो अपलोड किया। फिर उसी दुकान के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। इसकी जानकारी बाजारवासियों तक पहुंची तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। हाईवे को जाम कर दिया। यातायात ठहर गया। इस बीच चिलबिला चौकी इंचार्ज साथियों संग मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया। उनका गुस्सा यह था कि पुलिस-प्रशासन ने विवाद की शिकायत को सुना होता तो यह घटना न होती। लोग हाईवे पर जमा होकर आरोपित सचिन ऋषि, शशि की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। महिला ने भी इन्हीं लोगों पर भू माफिया से मिलकर परेशान करने का आराेप लगाया था। मौके पर पहले पहुंचे एडिशनल एसपी पूर्वी विद्या सागर मिश्र ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर बाद एसपी सतपाल अंतिल व सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य भी पहुंचे, लेकिन पीड़ित परिवार गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा रहा। करीब छह घंटे के बाद जब एसपी सतपाल अंतिल ने 50 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने, शस्त्र लाइसेंस, परिवार की सुरक्षा व आरोपितों पर कठोर कारवाई की मांगों को माना, तब जाकर स्वजन माने व यातायात बहाल हो सका। कोतवाल सत्येंद्र सिंह का कहना है कि दुकानों के बंटवारे का विवाद है। स्वजन जो तहरीर देंगे, उसके तथ्यों के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। इधर विवाद में महिला द्वारा जान देने और अपने सुसाइड नोट में चौकी इंचार्ज पर लगाए गए आरोपों को लेकर एसपी ने कार्रवाई कर दी। एसपी सतपाल अंतिल ने देर शाम बताया की चौकी इंचार्ज शेषनाथ यादव के साथ ही सिपाही धर्मवीर, राहुल शर्मा, कुशल यादव, लोकेश बैसला और जन्मेजय चौरसिया को को सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

सदर विधायक पर भी लोगों ने जताई नाराजगी, एसपी के समझाने पर माने
चिलबिला चौकी प्रभारी व पांच सिपाहियों को एसपी ने किया सस्पेंड, जांच के आदेश
प्रतापगढ़। दुकान पर जबरन कब्जा होने से घर की दिव्यांग महिला ने जान ने दी। उसने सुसाइड नोट लिखकर व वीडियो में अपने तीन भाइयों व कुछ भू-माफिया को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। घटना के विरोध में चिलबिला के व्यापारी दुकानें सड़क पर उतर आए। करीब छह घंटे तक प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। समझाने गए विधायक से नोकझोंक करके उनको लौटा दिया। यही नहीं आक्रोशित भीड़ ने चिलबिला चौकी पुलिस को मौके से खदेड़ दिया व पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।चिलबिला के मौर्या चौराहा स्थित सगे भाई सचिन व मनीष का दुकान के बंटवारे को लेकर तीन दिन से विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते ब्यूटी पार्लर चलाने वाली उसकी बहन 45 साल की कंचन ने रविवार सुबह पहले फेसबुक पर सुसाइड नोट व उसके बाद वीडियो अपलोड किया। फिर उसी दुकान के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। इसकी जानकारी बाजारवासियों तक पहुंची तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। हाईवे को जाम कर दिया। यातायात ठहर गया। इस बीच चिलबिला चौकी इंचार्ज साथियों संग मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया। उनका गुस्सा यह था कि पुलिस-प्रशासन ने विवाद की शिकायत को सुना होता तो यह घटना न होती। लोग हाईवे पर जमा होकर आरोपित सचिन ऋषि, शशि की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। महिला ने भी इन्हीं लोगों पर भू माफिया से मिलकर परेशान करने का आराेप लगाया था। मौके पर पहले पहुंचे एडिशनल एसपी पूर्वी विद्या सागर मिश्र ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर बाद एसपी सतपाल अंतिल व सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य भी पहुंचे, लेकिन पीड़ित परिवार गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा रहा। करीब छह घंटे के बाद जब एसपी सतपाल अंतिल ने 50 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने, शस्त्र लाइसेंस, परिवार की सुरक्षा व आरोपितों पर कठोर कारवाई की मांगों को माना, तब जाकर स्वजन माने व यातायात बहाल हो सका। कोतवाल सत्येंद्र सिंह का कहना है कि दुकानों के बंटवारे का विवाद है। स्वजन जो तहरीर देंगे, उसके तथ्यों के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। इधर विवाद में महिला द्वारा जान देने और अपने सुसाइड नोट में चौकी इंचार्ज पर लगाए गए आरोपों को लेकर एसपी ने कार्रवाई कर दी। एसपी सतपाल अंतिल ने देर शाम बताया की चौकी इंचार्ज शेषनाथ यादव के साथ ही सिपाही धर्मवीर, राहुल शर्मा, कुशल यादव, लोकेश बैसला और जन्मेजय चौरसिया को को सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।