V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

संदिग्ध परिस्थिति में महिला झुलसी , हालत गंभीर

स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज में मरणासन्न अवस्था में चल रहा है इलाज
कुंडा प्रतापगढ़। घर के अंदर खाना बनाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में महिला झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामगढ़ में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में प्रयागराज रेफर किया गया है।  संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के नौढिया जयलाल तिवारी का पुरवा गांव निवासिनी किरन देवी 45 वर्ष पत्नी प्रभु दयाल तिवारी बृहस्पतिवार को दोपहर के समय घर में अकेली होने के कारण कमरे में अंदर से कुंडी बंद कर किचन में खाना बना रही थी। इसी दौरान वह कैसे और किस प्रकार आग की चपेट में आकर जलने लगी। महिला आग का गोला बनाकर कमरे के अंदर बचाने के लिए तड़पन और भागने लगी। उसके चिल्लाने व घर से धुआं निकलता देख पास पड़ोस के लोग दौड़े तो अंदर से कमरा बंद होने के कारण दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तथा किसी तरह से आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक वह गंभीर रूप से झूला चुकी थी। तत्काल उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामगढ़ ले जाकर भर्ती कराया गया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज रेफर कर दिया गया। यहां मरासन अवस्था में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला के दो बेटे सूर्य देव व जय देव है।

स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज में मरणासन्न अवस्था में चल रहा है इलाज
कुंडा प्रतापगढ़। घर के अंदर खाना बनाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में महिला झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामगढ़ में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में प्रयागराज रेफर किया गया है।  संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के नौढिया जयलाल तिवारी का पुरवा गांव निवासिनी किरन देवी 45 वर्ष पत्नी प्रभु दयाल तिवारी बृहस्पतिवार को दोपहर के समय घर में अकेली होने के कारण कमरे में अंदर से कुंडी बंद कर किचन में खाना बना रही थी। इसी दौरान वह कैसे और किस प्रकार आग की चपेट में आकर जलने लगी। महिला आग का गोला बनाकर कमरे के अंदर बचाने के लिए तड़पन और भागने लगी। उसके चिल्लाने व घर से धुआं निकलता देख पास पड़ोस के लोग दौड़े तो अंदर से कमरा बंद होने के कारण दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तथा किसी तरह से आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक वह गंभीर रूप से झूला चुकी थी। तत्काल उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामगढ़ ले जाकर भर्ती कराया गया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज रेफर कर दिया गया। यहां मरासन अवस्था में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला के दो बेटे सूर्य देव व जय देव है।