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शुआट्स में मनाया गया विश्व फिजियोथेरेपी दिवस

नैनी(प्रयागराज)। सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (शुआट्स) के फिजियोथेरेपी विभाग में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया गया। इस वर्ष के विश्व फिजियोथेरेपी दिवस का विषय ‘हम आपके जीवन को नया आकार देते हैं’ रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रयागराज के प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ के डी त्रिपाठी (मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज) ने मानव के शारीरिक कल्याण में फिजियोथेरेपिस्ट के योगदान की सराहना की। उन्होंने छात्रों को स्वस्थ समाज के विकास के लिए भौतिक चिकित्सा कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के डीन डॉ. जी एस शुक्ला ने बताया कि व्यायाम और योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी विभाग के उत्कृष्ट विध्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विषय अनुरूप संगोष्ठी प्रस्तुति और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. संजय कुमार ने अगली पीढ़ी के फिजियोथेरेपिस्टों को प्रेरित किया और उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया। इस मौके पर डॉ. अभिषेक राय, डॉ. शताक्षी गौतम, डॉ. तेजवीर सिंह, डॉ. त्रिभुवन सिंह, डॉ. विजय मौर्य, डॉ. सुमित तिवारी, डॉ. चौधरी मोहम्मद शोएब, डॉ. सुरभि तिवारी, डॉ. अमिता वर्मा और डॉ. दानिश अहमद भी मौजूद रहे। फिजियोथेरेपी विभाग के संकाय सदस्य श्री रजनीश तोमर, श्री आशीष पांडे, सुश्री आशिता तिवारी, सुश्री सुरभि श्रीवास्तव, श्री शाहिद अजाज, सुश्री निधि मिश्रा, श्री ग्लैडविन मसीह और छात्र विवेक, आर्यन, आयुष, स्वाति ने रचनात्मक रूप से कार्यक्रम को व्यवस्थित किया।
वर्ल्ड कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ फिजिकल थेरेपी (डब्लू.सी. पी.टी.) ने 1996 से 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के रूप में नामित किया है। डब्लू.सी.पी.टी. की स्थापना 1951 में इसी दिन हुई थी। लोगों को स्वस्थ, चलनशील और स्वतंत्र रखने में पेशेवरों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है।

नैनी(प्रयागराज)। सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (शुआट्स) के फिजियोथेरेपी विभाग में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया गया। इस वर्ष के विश्व फिजियोथेरेपी दिवस का विषय ‘हम आपके जीवन को नया आकार देते हैं’ रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रयागराज के प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ के डी त्रिपाठी (मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज) ने मानव के शारीरिक कल्याण में फिजियोथेरेपिस्ट के योगदान की सराहना की। उन्होंने छात्रों को स्वस्थ समाज के विकास के लिए भौतिक चिकित्सा कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के डीन डॉ. जी एस शुक्ला ने बताया कि व्यायाम और योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी विभाग के उत्कृष्ट विध्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विषय अनुरूप संगोष्ठी प्रस्तुति और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. संजय कुमार ने अगली पीढ़ी के फिजियोथेरेपिस्टों को प्रेरित किया और उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया। इस मौके पर डॉ. अभिषेक राय, डॉ. शताक्षी गौतम, डॉ. तेजवीर सिंह, डॉ. त्रिभुवन सिंह, डॉ. विजय मौर्य, डॉ. सुमित तिवारी, डॉ. चौधरी मोहम्मद शोएब, डॉ. सुरभि तिवारी, डॉ. अमिता वर्मा और डॉ. दानिश अहमद भी मौजूद रहे। फिजियोथेरेपी विभाग के संकाय सदस्य श्री रजनीश तोमर, श्री आशीष पांडे, सुश्री आशिता तिवारी, सुश्री सुरभि श्रीवास्तव, श्री शाहिद अजाज, सुश्री निधि मिश्रा, श्री ग्लैडविन मसीह और छात्र विवेक, आर्यन, आयुष, स्वाति ने रचनात्मक रूप से कार्यक्रम को व्यवस्थित किया।
वर्ल्ड कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ फिजिकल थेरेपी (डब्लू.सी. पी.टी.) ने 1996 से 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के रूप में नामित किया है। डब्लू.सी.पी.टी. की स्थापना 1951 में इसी दिन हुई थी। लोगों को स्वस्थ, चलनशील और स्वतंत्र रखने में पेशेवरों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है।