V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

गुरुकुल मांटेसरी स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन हुआ

फाफामऊ। शांतिपुरम स्थित गुरुकुल मोंटेसरी स्कूल में स्वतंत्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति महान शिक्षा विद श्रेष्ठ वक्ता डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन कृपा शंकर सिंह के द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। संगीत शिक्षकों ने गुरु के महिमा का बखान करते हुए एक मधुर गीत प्रस्तुत किया एवं विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं ने गीत तथा नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया। इसी क्रम में कुछ शिक्षिकाओं ने स्वरचित कविता पाठ भी किया। विद्यालय के चेयरमैन कृपा शंकर सिंह ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं होता बल्कि उसके अंदर वह गुण होता है कि वह अपने शिष्य को ऊंचाइयों तक पहुंचा देता है। शिक्षक वह बिल्डिंग ब्लॉक है जिस पर समाज का निर्माण होता है। एक शिक्षक की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है क्योंकि वह बौद्धिक और रचनात्मक दिमाग को आकार देने का काम करता है। निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक वह है जो छात्रों के आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहता है। संस्थापिका प्रधानाचार्य अलका अग्रवाल ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके बच्चों के हाथों में होता है इस प्रकार छात्रों के भविष्य का आकार देने में एक शिक्षक की अहम भूमिका होती है। अंत में प्रधानाचार्य अमिता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में सह निदेशक रितीज विक्रम सिंह तथा सभी शिक्षक गण उपस्थित थे।

फाफामऊ। शांतिपुरम स्थित गुरुकुल मोंटेसरी स्कूल में स्वतंत्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति महान शिक्षा विद श्रेष्ठ वक्ता डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन कृपा शंकर सिंह के द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। संगीत शिक्षकों ने गुरु के महिमा का बखान करते हुए एक मधुर गीत प्रस्तुत किया एवं विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं ने गीत तथा नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया। इसी क्रम में कुछ शिक्षिकाओं ने स्वरचित कविता पाठ भी किया। विद्यालय के चेयरमैन कृपा शंकर सिंह ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं होता बल्कि उसके अंदर वह गुण होता है कि वह अपने शिष्य को ऊंचाइयों तक पहुंचा देता है। शिक्षक वह बिल्डिंग ब्लॉक है जिस पर समाज का निर्माण होता है। एक शिक्षक की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है क्योंकि वह बौद्धिक और रचनात्मक दिमाग को आकार देने का काम करता है। निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक वह है जो छात्रों के आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहता है। संस्थापिका प्रधानाचार्य अलका अग्रवाल ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके बच्चों के हाथों में होता है इस प्रकार छात्रों के भविष्य का आकार देने में एक शिक्षक की अहम भूमिका होती है। अंत में प्रधानाचार्य अमिता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में सह निदेशक रितीज विक्रम सिंह तथा सभी शिक्षक गण उपस्थित थे।