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मऊआइमा से जुड़ी सप्लाई प्रतापगढ़ से जोड़ी जाए

प्रतापगढ़ । पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार द्वारा विद्युत परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हेतु आयोजित विकास भवन की बैठक में बोलते हुए सांसद   की तरफ से विवेक उपाध्याय ने कहा कि मानधाता विकास खण्ड के तरौल सहित आठ गांवों के लगभग 800 विद्युत कनेक्शन जो अभी भी प्रयागराज के मऊआइमा सब स्टेशन से जुड़े होने के कारण उन पर जनपदीय अधिकारियों का नियंत्रण नहीं होता और गांव के लोग परेशान होते हैं उसे प्राथमिकता के आधार पर प्रतापगढ़ के उपकेंद्रों  से जोड़ा जाए । उन्होंने कहा कि आरडीएसएस स्कीम में वर्तमान में हो रही केबलिंग में मुख्य कांट्रैक्टर को पेटी कॉन्ट्रैक्ट देने से रोका जाए क्योंकि पेटी कॉन्ट्रैक्ट के कारण परियोजनाएं आधी अधूरी रह जाती है और जिसके कारण बाद में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है ।उन्होंने एमडी को अवगत कराया कि रानीगंज विधानसभा के शिवगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम खमपुर दुबे पट्टी में लगभग 1 किलोमीटर खंभे लगाकर उसे अधूरा छोड़ दिया गया उसको प्राथमिकता के आधार पर आरडीएसएस  स्कीम में शामिल करके केबिलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, साथ ही बांस बल्ली के सहारे चल रहे विद्युत कनेक्शनों में जहां थोड़े बहुत विद्युत पोल के सहारे उसे ठीक किया जा सकता है उसको आरडीएसएस स्कीम में सम्मिलित करने का प्रयास किया जाए ।श्री उपाध्याय ने मेडिकल कॉलेज के लिए पृथक से बनाई जा रही अंडरग्राउंड केबलिंग में केबिल को सड़क के किनारे लगा कर सीधे छोड़ देने को गैर जिम्मेदाराना हरकत बताते हुए उसे सड़क सीमा से दूर गड्ढे में डालकर बाकायदे ईट से ढकते हुए सुरक्षित तरीके से बनाए जाने की निर्देश देने की मांग की । सांसद द्वारा जनपद प्रतापगढ़ के सौभाग्य द्वितीय फेज की योजना स्वीकृत करा दी गई है इसमें  शीघ्र ही टेण्डर कराकर बचे हुए पूर्व के विद्युतीकरण पुरवो, क्षमता वृद्धि एवं नए ट्रांसफार्मर का कार्य युद्ध स्तर पर कराए जाने की मांग की ।
  उन्होंने कहा कि बिजनेस क्षमता वृद्धि के साथ-साथ जहां अत्यधिक लोड हो वहां पर नए ट्रांसफार्मरों के अधिष्ठापन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए जिससे विद्युत भार कम होकर लोगों को सहजता से विद्युत आपूर्ति कराई जा सके ।
 उन्होंने यह भी कहा कि आपूर्ति एवं बिजली कटौती के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ एक ग्रुप तैयार किया जाए जिसमें बिजली की कटौती और आकस्मिक स्थिति की जानकारी समय-समय पर विभाग द्वारा दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए ।

प्रतापगढ़ । पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार द्वारा विद्युत परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हेतु आयोजित विकास भवन की बैठक में बोलते हुए सांसद   की तरफ से विवेक उपाध्याय ने कहा कि मानधाता विकास खण्ड के तरौल सहित आठ गांवों के लगभग 800 विद्युत कनेक्शन जो अभी भी प्रयागराज के मऊआइमा सब स्टेशन से जुड़े होने के कारण उन पर जनपदीय अधिकारियों का नियंत्रण नहीं होता और गांव के लोग परेशान होते हैं उसे प्राथमिकता के आधार पर प्रतापगढ़ के उपकेंद्रों  से जोड़ा जाए । उन्होंने कहा कि आरडीएसएस स्कीम में वर्तमान में हो रही केबलिंग में मुख्य कांट्रैक्टर को पेटी कॉन्ट्रैक्ट देने से रोका जाए क्योंकि पेटी कॉन्ट्रैक्ट के कारण परियोजनाएं आधी अधूरी रह जाती है और जिसके कारण बाद में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है ।उन्होंने एमडी को अवगत कराया कि रानीगंज विधानसभा के शिवगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम खमपुर दुबे पट्टी में लगभग 1 किलोमीटर खंभे लगाकर उसे अधूरा छोड़ दिया गया उसको प्राथमिकता के आधार पर आरडीएसएस  स्कीम में शामिल करके केबिलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, साथ ही बांस बल्ली के सहारे चल रहे विद्युत कनेक्शनों में जहां थोड़े बहुत विद्युत पोल के सहारे उसे ठीक किया जा सकता है उसको आरडीएसएस स्कीम में सम्मिलित करने का प्रयास किया जाए ।श्री उपाध्याय ने मेडिकल कॉलेज के लिए पृथक से बनाई जा रही अंडरग्राउंड केबलिंग में केबिल को सड़क के किनारे लगा कर सीधे छोड़ देने को गैर जिम्मेदाराना हरकत बताते हुए उसे सड़क सीमा से दूर गड्ढे में डालकर बाकायदे ईट से ढकते हुए सुरक्षित तरीके से बनाए जाने की निर्देश देने की मांग की । सांसद द्वारा जनपद प्रतापगढ़ के सौभाग्य द्वितीय फेज की योजना स्वीकृत करा दी गई है इसमें  शीघ्र ही टेण्डर कराकर बचे हुए पूर्व के विद्युतीकरण पुरवो, क्षमता वृद्धि एवं नए ट्रांसफार्मर का कार्य युद्ध स्तर पर कराए जाने की मांग की ।
  उन्होंने कहा कि बिजनेस क्षमता वृद्धि के साथ-साथ जहां अत्यधिक लोड हो वहां पर नए ट्रांसफार्मरों के अधिष्ठापन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए जिससे विद्युत भार कम होकर लोगों को सहजता से विद्युत आपूर्ति कराई जा सके ।
 उन्होंने यह भी कहा कि आपूर्ति एवं बिजली कटौती के संबंध में जनप्रतिनिधियों के साथ एक ग्रुप तैयार किया जाए जिसमें बिजली की कटौती और आकस्मिक स्थिति की जानकारी समय-समय पर विभाग द्वारा दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए ।

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