शव के घर पहुंचने पर मचा कोहराम परिजन बेहाल
बीते रविवार को छिनैती का विरोध करने पर पति पत्नी को बदमाशों ने किया था घायल
कुंडा प्रतापगढ़। मायके से लौट रही पति पत्नी को रास्ते में बदमाशों ने लूट व छिनैती का विरोध करने पर बाइक सवार पति पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गंभीर रूप से घायल पत्नी का इलाज के दौरान मौत हो गई। शव के घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। शव का गांव में ही अंतिम दाह संस्कार कर दिया गया। महेशगंज थाना क्षेत्र के मालाधर छत्ता निवासी प्रताप सरोज 32 वर्ष अपनी पत्नी केशरी देवी सरोज तथा 7 वर्षीय बेटा सोनू को लेकर रविवार को उदयपुर थाना क्षेत्र के बोझी का पुरवा अपनी ससुराल में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने गांव से सायंकाल 7:00 बजे ससुराल जाने के लिए निकले थे। ससुराल के आयोजन में शामिल होने के बाद उसी रात्रि लगभग 10:30 बाइक से तीनो लोग अपने घर वापस लौट रहे थे। रास्ते में लालगंज अझारा कालाकांकर रोड पर लालगंज थाना कोतवाली क्षेत्र के असरही गांव के पास लूट व छीनैती करने के लिए सड़क पर खड़े बदमाशों ने बाइक को रोक लिया। बाइक के रुकते ही सभी बदमाश नकदी मोबाइल व बाइक छिनने लगे तो पति पत्नी ने बदमाशों का विरोध करते हुए भिड़ गए। जिससे गुस्साए बदमाशों ने चौपड़ से पत्नी के सिर पर तेज प्रहार करके गंभीर रूप से घायल कर दिया तथा पति प्रताप सरोज को भी चापड़ मारकर घायल कर बेटे की भी जमकर पिटाई कर दी थी। इसी दौरान रोड से एक बोलेरो जा रही थी। बोलेरो सवार लोगों ने लाइट में देखा कि बदमाश लूटपाट कर रहे हैं। बदमाश गंभीर रूप से मारपीट कर घायल कर फरार हो गए। इस दौरान बोलेरो आगे बढ़ाकर लालगंज कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि गांव के पास बाइक सवार पति पत्नी के साथ बदमाश छिनैती और लूटपाट कर रहे हैं। सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने देखा कि बदमाश मौके पर नहीं है, पति पत्नी घायल अवस्था में दोनों खून से लथपथ सड़क पर पड हुए हैंं। पुलिस नेेेे तत्काल दोनों को इलाज के लिए सीएचसी लालगंंज ले गई। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के बाद हालत में सुधार न हने पर पत्नी केसरी देवी को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज रेफर कर दिया गया तथा पति पत्नी दोनों को वहां से बेहतर इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज रेफर कर दिया गया था। परिजन सरकारी हॉस्पिटल ना ले जाकर शहर के एक निजी चिकित्सालय में अच्छी चिकित्सीय सुविधा के लिए भर्ती करा दिया। जहां इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर मंगलवार सायंकाल डिस्चार्ज कर दियाा गयाा। घर पहुंचने पर कुछ घंटे तक तो महिला स्थिति सामान्य रहीी। परंतु बुधवार को अचानक फिर से तबीयत बिगड़ने लगी तो तत्काल उसी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, परंतु इलाज के दौरान महिला की सांसे थम गई। गुरुवार कि सुबह शव के घर पहुंचने पर परिजनोंंमें रोने पीटने चिल्लाने से कोहराम मच गया। गुरुवार को ही शव का अंतिम दाह संस्कार कर दिया गया। मृतका के दो बेटे सोनू 7 वर्ष हुआ गुलशन 10 वर्ष का है।



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