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करोड़ों की लागत से बना भुपियामऊ फ्लाई ओवर चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट

टूटे लिंटर की शुरू हुई  मरम्मत,वाहनों का आवागमन बाधित
 प्रतापगढ़ । भुपियामऊ  फ्लाईओवर ब्रिज भ्रष्टाचार की कहानी खुद बयां कर रहा है।  टूटा हुआ फ्लाईओवर जहां 570 करोड़ की लागत से बना है।वहीं  फ्लाईओवर की आज ऐसी दुर्दशा है कि अपने आप ही लिंटर टूटकर गिरा जा रहा है।आखिर करोड़ों की लागत के बावजूद भी मजबूती से फ्लाईओवर नहीं बन पाया।पूरा मामला नगर कोतवाली के लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भुपियामऊ फ्लाईओवर का है। वहां  पिछले तीन-चार दिनों से धीरे-धीरे लिंटर गिरने का सिलसिला जारी था।उसी के डर से बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था । जबकि छोटे वाहन आवागमन चालू था।एन एच के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों तरफ बैरिकेडिंग करवाएं और सभी वाहनों का आवागमन पर रोक लगाकर काम चालू करवा दिया।फ्लाईओवर से गुजरने वाले सभी वाहनों को वहीं नीचे मेन रोड से होकर गुजारना पड़ रहा है।इसके पहले भी एक बार और लिंटर टूट चुका था तब एनएच की टीम ने रिपेयर करा कर फिर से आवागमन चालू करा दिया था।आलोक सिंह पूर्व प्रधान ने बताया कि फ्लाईओवर बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ एनएच के उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत देकर जांच कराने की मांग किया लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।फिर से वही दिन देखना पड़ा।फ्लाई ओवर का टूटा लिंटर और रिपेयरिंग का काम  शुरू हो गया है।आखिर ऐसे रिपेयरिंग करके कब तक चलेगा फ्लाईओवर!ऐसे में कभी भी घटनाएं घट सकती है।सप्ताह भर बाद काम पूरा होने के बाद आवागमन चालू होने की संभावना है।

टूटे लिंटर की शुरू हुई  मरम्मत,वाहनों का आवागमन बाधित
 प्रतापगढ़ । भुपियामऊ  फ्लाईओवर ब्रिज भ्रष्टाचार की कहानी खुद बयां कर रहा है।  टूटा हुआ फ्लाईओवर जहां 570 करोड़ की लागत से बना है।वहीं  फ्लाईओवर की आज ऐसी दुर्दशा है कि अपने आप ही लिंटर टूटकर गिरा जा रहा है।आखिर करोड़ों की लागत के बावजूद भी मजबूती से फ्लाईओवर नहीं बन पाया।पूरा मामला नगर कोतवाली के लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भुपियामऊ फ्लाईओवर का है। वहां  पिछले तीन-चार दिनों से धीरे-धीरे लिंटर गिरने का सिलसिला जारी था।उसी के डर से बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था । जबकि छोटे वाहन आवागमन चालू था।एन एच के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों तरफ बैरिकेडिंग करवाएं और सभी वाहनों का आवागमन पर रोक लगाकर काम चालू करवा दिया।फ्लाईओवर से गुजरने वाले सभी वाहनों को वहीं नीचे मेन रोड से होकर गुजारना पड़ रहा है।इसके पहले भी एक बार और लिंटर टूट चुका था तब एनएच की टीम ने रिपेयर करा कर फिर से आवागमन चालू करा दिया था।आलोक सिंह पूर्व प्रधान ने बताया कि फ्लाईओवर बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ एनएच के उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत देकर जांच कराने की मांग किया लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।फिर से वही दिन देखना पड़ा।फ्लाई ओवर का टूटा लिंटर और रिपेयरिंग का काम  शुरू हो गया है।आखिर ऐसे रिपेयरिंग करके कब तक चलेगा फ्लाईओवर!ऐसे में कभी भी घटनाएं घट सकती है।सप्ताह भर बाद काम पूरा होने के बाद आवागमन चालू होने की संभावना है।

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