लोकमित्र ब्यूरो
सहसों (प्रयागराज)। सप्त दिवसीय चल रही संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन भगवती पुरम कटका चौराहा अंदावां स्थित मुख्य अजमान विश्वम्भर नाथ पांडेय एवं श्रीमती सरस्वती पांडेय के संयोजन में कथा के पूर्व कथा स्थल से आवाहित देवी-देवताओं एवं भागवत भगवान की वैदिक मंत्रों से पूजन अर्चन आरती इत्यादि के पश्चात भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा को कटका गांव के गली मोहल्ला से होते हुए भगवान राधा कृष्ण मंदिर दर्शन के पश्चात वापस कथा स्थल पर विराम दिया गया। कलश यात्रा में भारी संख्या में भक्त श्रद्धालु नर नारियों ने भगवान की जय जय कार जयकार करते हुए तथा महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाते हुए आधुनिक वाद्य यंत्र के साथ शामिल रहीं। कलश यात्रा के पश्चात व्यास पीठ से कथा व्यास दिल्ली से पधारे रस सिद्ध आचार्य दिलीप तिवारी पीयूष जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि सच्चिदानन्द स्वरुप भगवान श्रीकृष्ण को हम नमस्कार करते हैं जो जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश के हेतु तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक तीनों प्रकार के तापों एवं पापों का नाश करने वाले हैं। धन्य है श्रीमद्भागवत महापुराण जो भी मनुष्य भक्तगण तन मन श्रद्धा भाव से श्रवण करता है उसको मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और भागवत की सप्ताहिक कथा तो साक्षात श्री कृष्ण का धाम प्रदान करने वाली है। कथा के उपरांत मुख्य यजमान एवं आयोजक संजय पांडेय व राहुल पांडेय द्वारा व्यासपीठ, भागवत भगवान एवं आवाहित देवी देवताओं की आरती उतारी गई तथा उपस्थित भक्त श्रोताओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर उमा शंकर पांडेय, प्रभु नाथ पांडेय, मनोज पांडेय, नीरज पांडेय, देवांश पांडेय, कृतज्ञ पांडेय बालकृष्ण शुक्ला सहित आदि श्रोता भक्तों ने उपस्थित होकर कथा का रसपान किया।
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सहसों (प्रयागराज)। सप्त दिवसीय चल रही संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन भगवती पुरम कटका चौराहा अंदावां स्थित मुख्य अजमान विश्वम्भर नाथ पांडेय एवं श्रीमती सरस्वती पांडेय के संयोजन में कथा के पूर्व कथा स्थल से आवाहित देवी-देवताओं एवं भागवत भगवान की वैदिक मंत्रों से पूजन अर्चन आरती इत्यादि के पश्चात भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा को कटका गांव के गली मोहल्ला से होते हुए भगवान राधा कृष्ण मंदिर दर्शन के पश्चात वापस कथा स्थल पर विराम दिया गया। कलश यात्रा में भारी संख्या में भक्त श्रद्धालु नर नारियों ने भगवान की जय जय कार जयकार करते हुए तथा महिलाओं द्वारा मंगल गीत गाते हुए आधुनिक वाद्य यंत्र के साथ शामिल रहीं। कलश यात्रा के पश्चात व्यास पीठ से कथा व्यास दिल्ली से पधारे रस सिद्ध आचार्य दिलीप तिवारी पीयूष जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि सच्चिदानन्द स्वरुप भगवान श्रीकृष्ण को हम नमस्कार करते हैं जो जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश के हेतु तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक तीनों प्रकार के तापों एवं पापों का नाश करने वाले हैं। धन्य है श्रीमद्भागवत महापुराण जो भी मनुष्य भक्तगण तन मन श्रद्धा भाव से श्रवण करता है उसको मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और भागवत की सप्ताहिक कथा तो साक्षात श्री कृष्ण का धाम प्रदान करने वाली है। कथा के उपरांत मुख्य यजमान एवं आयोजक संजय पांडेय व राहुल पांडेय द्वारा व्यासपीठ, भागवत भगवान एवं आवाहित देवी देवताओं की आरती उतारी गई तथा उपस्थित भक्त श्रोताओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर उमा शंकर पांडेय, प्रभु नाथ पांडेय, मनोज पांडेय, नीरज पांडेय, देवांश पांडेय, कृतज्ञ पांडेय बालकृष्ण शुक्ला सहित आदि श्रोता भक्तों ने उपस्थित होकर कथा का रसपान किया।



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