शराब पीना व अधिक घूमना बना मौत की वजह
कुंडा प्रतापगढ़। आपसी विवाद में युवक ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पीएम से लौटे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुंडा कोतवाली क्षेत्र के लरू बेसन का पुरवा निवासी विश्वनाथ सरोज उर्फ पप्पू 30 वर्ष पुत्र जगन्नाथ सरोज पिता के रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद घर पर रहकर खेती बारी व अपनी निजी बोलेरो चलाता था। वह अधिक शराब पीने और घूमने का शौकीन था। 3 वर्ष पूर्व पिता की मृत्यु के बाद वह पूरी तरह से आजाद हो गया था। जिसके कारण मां प्रमिला देवी व पत्नी विमला देवी से आए दिन विवाद हो जाता था। पत्नी चिंतित रहती थी की दो बेटी और दो बेटा की परवरिश कैसे हो पाएगी। इसी बात को लेकर विवाद होता था। आपसी विवाद से तंग आकर पप्पू ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय लेते हुए शनिवार रात्रि लगभग 8:30 बजे घर के अंदर फांसी के फंदे पर झूल गया। जानकारी पर परिजन हल्ला गुहार मचाए तो पहुंचे ग्रामीणों ने फांसी के फंदे पर झूले युवक को उतार कर तत्काल इलाज के लिए सीएचसी कुंडा ले गए। जहां देखते ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। शव के घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो रोकर बुरा हाल होने लगा। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव के घर वापस आने पर मानिकपुर राजघाट पर अंतिम दाह संस्कार भी कर दिया गया। मृतक विश्वनाथ सरोज मूल रूप से मानिकपुर नगर क्षेत्र के कटरा मोहल्ला का रहने वाला था। लरु अपनी ननिहाल में नाना की गद्दी पर रहता था। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पत्नी विमला देवी रो-रोकर बेहाल हो जा रही थी, कि अब बच्चों की देखभाल कौन करेगा तथा उनकी परवरिश कैसे होगी।
शराब पीना व अधिक घूमना बना मौत की वजह
कुंडा प्रतापगढ़। आपसी विवाद में युवक ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पीएम से लौटे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुंडा कोतवाली क्षेत्र के लरू बेसन का पुरवा निवासी विश्वनाथ सरोज उर्फ पप्पू 30 वर्ष पुत्र जगन्नाथ सरोज पिता के रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद घर पर रहकर खेती बारी व अपनी निजी बोलेरो चलाता था। वह अधिक शराब पीने और घूमने का शौकीन था। 3 वर्ष पूर्व पिता की मृत्यु के बाद वह पूरी तरह से आजाद हो गया था। जिसके कारण मां प्रमिला देवी व पत्नी विमला देवी से आए दिन विवाद हो जाता था। पत्नी चिंतित रहती थी की दो बेटी और दो बेटा की परवरिश कैसे हो पाएगी। इसी बात को लेकर विवाद होता था। आपसी विवाद से तंग आकर पप्पू ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय लेते हुए शनिवार रात्रि लगभग 8:30 बजे घर के अंदर फांसी के फंदे पर झूल गया। जानकारी पर परिजन हल्ला गुहार मचाए तो पहुंचे ग्रामीणों ने फांसी के फंदे पर झूले युवक को उतार कर तत्काल इलाज के लिए सीएचसी कुंडा ले गए। जहां देखते ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। शव के घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो रोकर बुरा हाल होने लगा। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव के घर वापस आने पर मानिकपुर राजघाट पर अंतिम दाह संस्कार भी कर दिया गया। मृतक विश्वनाथ सरोज मूल रूप से मानिकपुर नगर क्षेत्र के कटरा मोहल्ला का रहने वाला था। लरु अपनी ननिहाल में नाना की गद्दी पर रहता था। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पत्नी विमला देवी रो-रोकर बेहाल हो जा रही थी, कि अब बच्चों की देखभाल कौन करेगा तथा उनकी परवरिश कैसे होगी।



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