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भारतीय संस्कृति में माता-पिता का विशेष स्थान है:– धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

प्रतापगढ़ । संत जेवियर स्कूल में प्रबंधक संजीव सिंह की अध्यक्षता में मातृ पितृ पूजन दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने मां सरस्वती के श्री विग्रह के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करने के पश्चात कहा कि भारतीय संस्कृति में माता पिता का विशेष स्थान है। सर्वप्रथम गणेश जी ने अपने माता-पिता भगवान भोलेनाथ और पार्वती जी का पूजन करके उनकी सात बार प्रदक्षिणा किया था। जिसके कारण बड़े भाई कार्तिकेय से पृथ्वी के सात बार प्रदक्षिणा करने की स्पर्धा को जीत लिया था जिससे वह गणाध्यक्ष कहलाए।
सनातन धर्म ही नहीं बल्कि इस्लाम और अन्य धर्मों में माता पिता एवं गुरु तथा ईश्वर को विशेष स्थान दिया गया है। प्रभु श्री राम प्रातः काल उठकर सर्वप्रथम माता फिर पिता एवं गुरु को जाकर प्रणाम करते थे।” प्रात काल प्रभु उठि रघुनाथा मातु पिता गुरु नावहिं माथा”। भगवान श्री कृष्ण अपने दोनों माताओं देवकी और यशोदा तथा पिता वसुदेव एवं नंद बाबा का बहुत ही आदर करते थे। आचार्य शंकर ने माता की आज्ञा को प्राप्त करने के पश्चात ही सन्यास धारण किया था। गुरु का अर्थ होता है गु माने अंधकार रू माने प्रकाश जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है उसे गुरु कहते हैं। माता बालक की सर्वप्रथम गुरु होती है। जिस प्रकार का संस्कार मां बालक पर डालेगी उसी प्रकार वह बालक बनेगा। अधिकांशतः माता और पिता बच्चों की खुशी के लिए उनकी अच्छी शिक्षा के लिए स्वयं तो अच्छा वस्त्र नहीं पहनते हैं ना अच्छा भोजन करते हैं बल्कि बच्चों को शिक्षित करने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता पिता और गुरु का सम्मान करना चाहिए। इस्लाम में भी अपने वैलिदान का सम्मान करने का संदेश दिया गया है। विद्यालय के प्रबंधक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक एक ऐसा व्यक्तित्व है कि वह बालक को एक कुम्हार की तरह अच्छे ढंग से आईएएस आईपीएस इंजीनियर डॉक्टर ज्ञानी एवं राष्ट्र निर्माता बना सकता है। विद्यार्थी को चाहिए कि वह अपने गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए कर्मठता से शिक्षा ग्रहण करें। बच्चों ने बहुत ही सुंदर ढंग से राष्ट्रभक्त से प्रेरित रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति किया। विद्यालय के सह प्रबंधक संतोष कुमार द्विवेदी मंगलाचरण महराज शनि देव धाम विनोद कुमार पांडे प्रीति सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मातृ पितृ पूजन दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। अंत में विद्यालय के प्राचार्य डॉ धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने आए हुए अतिथियों एवं अभिभावक गण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज विद्यालय जो कुछ भी है वह हमारे समस्त स्टाफ के शिक्षकों के सहयोग एवं अभिभावकों के सहयोग से उच्च संस्कारित शिक्षा दे रहा है। विद्यालय परिवार द्वारा धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास को प्रतीक चिन्ह एवं माल्यार्पण करके सम्मानित किया गया।

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प्रतापगढ़ । संत जेवियर स्कूल में प्रबंधक संजीव सिंह की अध्यक्षता में मातृ पितृ पूजन दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने मां सरस्वती के श्री विग्रह के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करने के पश्चात कहा कि भारतीय संस्कृति में माता पिता का विशेष स्थान है। सर्वप्रथम गणेश जी ने अपने माता-पिता भगवान भोलेनाथ और पार्वती जी का पूजन करके उनकी सात बार प्रदक्षिणा किया था। जिसके कारण बड़े भाई कार्तिकेय से पृथ्वी के सात बार प्रदक्षिणा करने की स्पर्धा को जीत लिया था जिससे वह गणाध्यक्ष कहलाए।
सनातन धर्म ही नहीं बल्कि इस्लाम और अन्य धर्मों में माता पिता एवं गुरु तथा ईश्वर को विशेष स्थान दिया गया है। प्रभु श्री राम प्रातः काल उठकर सर्वप्रथम माता फिर पिता एवं गुरु को जाकर प्रणाम करते थे।” प्रात काल प्रभु उठि रघुनाथा मातु पिता गुरु नावहिं माथा”। भगवान श्री कृष्ण अपने दोनों माताओं देवकी और यशोदा तथा पिता वसुदेव एवं नंद बाबा का बहुत ही आदर करते थे। आचार्य शंकर ने माता की आज्ञा को प्राप्त करने के पश्चात ही सन्यास धारण किया था। गुरु का अर्थ होता है गु माने अंधकार रू माने प्रकाश जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है उसे गुरु कहते हैं। माता बालक की सर्वप्रथम गुरु होती है। जिस प्रकार का संस्कार मां बालक पर डालेगी उसी प्रकार वह बालक बनेगा। अधिकांशतः माता और पिता बच्चों की खुशी के लिए उनकी अच्छी शिक्षा के लिए स्वयं तो अच्छा वस्त्र नहीं पहनते हैं ना अच्छा भोजन करते हैं बल्कि बच्चों को शिक्षित करने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता पिता और गुरु का सम्मान करना चाहिए। इस्लाम में भी अपने वैलिदान का सम्मान करने का संदेश दिया गया है। विद्यालय के प्रबंधक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक एक ऐसा व्यक्तित्व है कि वह बालक को एक कुम्हार की तरह अच्छे ढंग से आईएएस आईपीएस इंजीनियर डॉक्टर ज्ञानी एवं राष्ट्र निर्माता बना सकता है। विद्यार्थी को चाहिए कि वह अपने गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए कर्मठता से शिक्षा ग्रहण करें। बच्चों ने बहुत ही सुंदर ढंग से राष्ट्रभक्त से प्रेरित रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति किया। विद्यालय के सह प्रबंधक संतोष कुमार द्विवेदी मंगलाचरण महराज शनि देव धाम विनोद कुमार पांडे प्रीति सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मातृ पितृ पूजन दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। अंत में विद्यालय के प्राचार्य डॉ धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने आए हुए अतिथियों एवं अभिभावक गण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज विद्यालय जो कुछ भी है वह हमारे समस्त स्टाफ के शिक्षकों के सहयोग एवं अभिभावकों के सहयोग से उच्च संस्कारित शिक्षा दे रहा है। विद्यालय परिवार द्वारा धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास को प्रतीक चिन्ह एवं माल्यार्पण करके सम्मानित किया गया।

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