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सेहत: बदलते मौसम में छिपी है बीमारी बच्चो के साथ विशेष रूप से बरते सावधानी

प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। इस समय बदलता मौसम सेहत के लिए ठीक नहीं है। खासकर बच्चो पर इस समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चो के साथ ही बड़ो में भी संक्रामक रोग होने की संभावना ऐसे मौसम में सबसे अधिक होती है। यही वजह है कि इस समय सरकारी व निजी अस्पतालो में मरीजो की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सको का कहना है कि बदलते मौसम का सबसे अधिक असर बच्चो पर पड़ता है। बच्चो के साथ लापरवाही बरतने पर उन्हे कई रोग अपनी चपेट में ले सकते है। इस समय दूषित पेयजल का सेवन खतरनाक साबित हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. ए.के. गुप्ता का कहना है कि इस समय साफ पानी का सेवन न करने पर खसरा के मामले बढ़ सकते है। उन्होने कहा कि लोगो को अपने बच्चो को साफ पानी देना चाहिए। साथ ही खसरा होने पर बच्चे का समुचित इलाज कराना चाहिए। जिन बच्चो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन्हे खसरा होने पर निमोनिया डायरिया, पीलिया या टाइफाइड भी हो सकता है। चिकित्सको का कहना है कि कुछ लोग बीमार होने पर सीधे मेडिकल स्टोर जाकर दुकानदार से ही दवा लेकर खा लेते है। अधिकांश लोगो को इस बात की जानकारी नहीं है कि वह दवा की बजाय गंभीर बीमारी को गले लगा रहे है। वैसे नियम के अनुसार कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बगैर डाक्टर की पर्ची के किसी भी मरीज को दवा नहीं दे सकता है, ड्रग एण्ड कास्मेटिक एक्ट के तहत मेडिकल स्टोर संचालको को डाक्टरी मशवरे के बाद ही दवा दिए जाने की हिदायत है। इसके बगैर दवा देने वाले मेडिकल स्टोर का लाइसेन्स तक निरस्त होने का प्रावधान है। जबकि हकीकत में कही इस नियम का पालन नहीं होता है। डाक्टरो का कहना है कि इस मामले में जनता को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। एक बीमारी की हजार दवाएं हो सकती है। हर दवा में थोड़ा बहुत अंतर होता है। मेडिकल स्टोर से जो लोग सीधे दवाएं लेते है उन्हे इस बात का अहसास नहीं होता कि वह क्या खरीद रहे है। विशेषज्ञो का कहना है कि कोई भी डाक्टर मरीज को दवा देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि मरीज पर किसी दवा का प्रतिकूल असर न पड़े।

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। इस समय बदलता मौसम सेहत के लिए ठीक नहीं है। खासकर बच्चो पर इस समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चो के साथ ही बड़ो में भी संक्रामक रोग होने की संभावना ऐसे मौसम में सबसे अधिक होती है। यही वजह है कि इस समय सरकारी व निजी अस्पतालो में मरीजो की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सको का कहना है कि बदलते मौसम का सबसे अधिक असर बच्चो पर पड़ता है। बच्चो के साथ लापरवाही बरतने पर उन्हे कई रोग अपनी चपेट में ले सकते है। इस समय दूषित पेयजल का सेवन खतरनाक साबित हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. ए.के. गुप्ता का कहना है कि इस समय साफ पानी का सेवन न करने पर खसरा के मामले बढ़ सकते है। उन्होने कहा कि लोगो को अपने बच्चो को साफ पानी देना चाहिए। साथ ही खसरा होने पर बच्चे का समुचित इलाज कराना चाहिए। जिन बच्चो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन्हे खसरा होने पर निमोनिया डायरिया, पीलिया या टाइफाइड भी हो सकता है। चिकित्सको का कहना है कि कुछ लोग बीमार होने पर सीधे मेडिकल स्टोर जाकर दुकानदार से ही दवा लेकर खा लेते है। अधिकांश लोगो को इस बात की जानकारी नहीं है कि वह दवा की बजाय गंभीर बीमारी को गले लगा रहे है। वैसे नियम के अनुसार कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बगैर डाक्टर की पर्ची के किसी भी मरीज को दवा नहीं दे सकता है, ड्रग एण्ड कास्मेटिक एक्ट के तहत मेडिकल स्टोर संचालको को डाक्टरी मशवरे के बाद ही दवा दिए जाने की हिदायत है। इसके बगैर दवा देने वाले मेडिकल स्टोर का लाइसेन्स तक निरस्त होने का प्रावधान है। जबकि हकीकत में कही इस नियम का पालन नहीं होता है। डाक्टरो का कहना है कि इस मामले में जनता को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। एक बीमारी की हजार दवाएं हो सकती है। हर दवा में थोड़ा बहुत अंतर होता है। मेडिकल स्टोर से जो लोग सीधे दवाएं लेते है उन्हे इस बात का अहसास नहीं होता कि वह क्या खरीद रहे है। विशेषज्ञो का कहना है कि कोई भी डाक्टर मरीज को दवा देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि मरीज पर किसी दवा का प्रतिकूल असर न पड़े।

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