पक्षियों के संरक्षण के लिए दिलाई गई शपथ, जन जागरूकता के लिए आगे आयी जन सुनवाई फाउंडेशन
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। पृथ्वी पर पलने वाले इंसान के साथ हर जीव जंतु और पक्षियों का संरक्षण जरूरी है। यह एक दूसरे के पूरक हैं। बर्ड फेस्टिवल दिवस पर गुरुवार को क्षेत्र के बछरा बांध पर वन विभाग मेजा एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के तत्वावधान में जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मेजा रेंज कर्मी शत्रुघ्न पाण्डेय ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण हेतु शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित हैं, किन्तु। जन भागीदारी के बगैर कोई योजना अपने मकसद में कामयाब नही होती है। अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण दिवस का मकसद है कि पक्षियों की रक्षा और सुरक्षा के लिए लोग आगे आएं। उन्होंने कहा कि तभी लुप्तप्राय हो रहे पक्षियों को संरक्षित किया जा सकता है। वन विभाग के बीट प्रभारी पियूष दूबे ने बछरा बांध में जल -चर पक्षियों की संख्या एवं उनकी किस्म के बारे में जानकारी दी। कहा कि कई ऐसी दुर्लभ प्रजातियां हैं जो कि केवल बछरा बांध में ही दिखाई देती हैं। कार्यक्रम में भागीदार जनसुनवाई फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी अधिवक्ता कमलेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि बांध के पास क्रेशर प्लांट की ब्लास्टिंग से पक्षियों की संख्या में काफी कमी आयी है। एक दशक पूर्व बछरा बांध के पास वन विभाग और पहाड़ियों में जो पक्षियों का कलरव सुनाई देता था उस पर ध्वनि प्रदूषण की मार पड़ी है। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा पक्षियों के संरक्षण के लिए शपथ दिलाई गयी है। कार्यक्रम में राजकुमार मिश्र, नरेन्द्र कुमार मिश्र, अश्वनी कुमार, कलन्दर आदिवासी, सुग्गा आदिवासी, राजू सहित स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।
पक्षियों के संरक्षण के लिए दिलाई गई शपथ, जन जागरूकता के लिए आगे आयी जन सुनवाई फाउंडेशन
लोकमित्र ब्यूरो
मेजा (प्रयागराज)। पृथ्वी पर पलने वाले इंसान के साथ हर जीव जंतु और पक्षियों का संरक्षण जरूरी है। यह एक दूसरे के पूरक हैं। बर्ड फेस्टिवल दिवस पर गुरुवार को क्षेत्र के बछरा बांध पर वन विभाग मेजा एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के तत्वावधान में जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मेजा रेंज कर्मी शत्रुघ्न पाण्डेय ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण हेतु शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित हैं, किन्तु। जन भागीदारी के बगैर कोई योजना अपने मकसद में कामयाब नही होती है। अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी संरक्षण दिवस का मकसद है कि पक्षियों की रक्षा और सुरक्षा के लिए लोग आगे आएं। उन्होंने कहा कि तभी लुप्तप्राय हो रहे पक्षियों को संरक्षित किया जा सकता है। वन विभाग के बीट प्रभारी पियूष दूबे ने बछरा बांध में जल -चर पक्षियों की संख्या एवं उनकी किस्म के बारे में जानकारी दी। कहा कि कई ऐसी दुर्लभ प्रजातियां हैं जो कि केवल बछरा बांध में ही दिखाई देती हैं। कार्यक्रम में भागीदार जनसुनवाई फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी अधिवक्ता कमलेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि बांध के पास क्रेशर प्लांट की ब्लास्टिंग से पक्षियों की संख्या में काफी कमी आयी है। एक दशक पूर्व बछरा बांध के पास वन विभाग और पहाड़ियों में जो पक्षियों का कलरव सुनाई देता था उस पर ध्वनि प्रदूषण की मार पड़ी है। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा पक्षियों के संरक्षण के लिए शपथ दिलाई गयी है। कार्यक्रम में राजकुमार मिश्र, नरेन्द्र कुमार मिश्र, अश्वनी कुमार, कलन्दर आदिवासी, सुग्गा आदिवासी, राजू सहित स्कूली बच्चे भी शामिल हुए।



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