V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

कही लटक रहा ताला तो कहीं गंदगी का अंबार

अधिकतर समुदायिक शौचालयों का ग्रामीण नही कर पा रहे इस्तेमाल
लोकमित्र ब्यूरो
लेड़ियारी (प्रयागराज)। समुदायिक शौचालयों के बंद दरवाजों की हकीकत शासन प्रशासन के सामने लाने और उनका ताला खुलवाकर जनता को उसका लाभ दिलाने के शुरू हुए विकास खंड कोरांव हकीकत देखा गया। ओडीएफ एक वर्ष घोषित हो चुके इन दिनों ब्लाकों मे अधिकतर समुदायिक शौचालय बने है लेकिन उनमें ताले लटक रहे है। जो खुले हुए भी है वह अव्यवस्था का शिकार है। इन शौचालयों के तैनात केयर टेकर को प्रति माह छह हजार रुपये मानदेय देने के साथ साफ-सफाई रखने के लिए तीन हजार रुपये मिल रहे है। जहां शौचालय खुले है वहां साबुन, तौलिया, निरमा और सफाई के उदाहरण तो बहुत दूर की बात शौचालयों मे खुद से बाल्टी मे पानी भरकर ले जाना पड़ता है। दोनों पालियों मे चार से नौ बजे के बीच शौचालय खोले जाने का नियम बताया गया है। लेकिन अपने बनाए पर भी शौचालयों मे ताला लटक रहे है। कोरांव विकास खंड मे 115 ग्राम सभा है। जहां कुछ शौचालय कम धनराशि व कुल पांच लाख रुपये की लागत से बनाए गए है। इसमे सभी के हाथों समुदायिक शौचालय को केयर टेकर के हाथों मे सौंप दिया गया है। देईबांध मे समुदायिक शौचालय का आज तक ताला नही खुल सका। जिससे लोगों मे अक्रोष है। लोग मजबूरन खुले मे शौच जाने को विवश है। ग्राम पंचायत डीही खुर्द मे बने समुदायिक शौचालय मे पानी की सप्लाई न होने के कारण शौचालय मे ताला बंद है और लोग खुले मे शौच जा रहे है। लेड़ियारी बाजार पुलिस सहायता केन्द्र के बगल बना हुआ है। इसे केवल पुलिस स्टाफ के लोग उपयोग करते है। समुदायिक शौचालय नीबी मे केयर टेकर गीता देवी  को 15 माह से मानदेय न मिलने नही जाती है। जबकि देखरेख सुरक्षा के अभाव मे लगे दरवाजा क्षतिग्रस्त और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। फिलहाल अधिकांश शौचालयों पर ताला लटक रहा है। जबकि 90 प्रतिशत मे बिजली न रोशनी और सबमर्सिबल के पानी के व्यवस्था भी नही है। ग्राम सभा धोबहट मजरा चैलारी डिनर बस्ती मे बनी  बंद पड़े ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पहले शौचालय बना लेकिन आज तक उसका ताला नही खोला जा सका है। इसमें गांव के लोग उपरी का ढेर लगा रहे हैं। इस संबंध में एडीओ पंचायत दिनेश चंद्र पाठक ने कहा कि जांच की जाएगी अगर शौचालय बंद पाये गये और सुविधाओं के साथ साफ-सफाई ठीक नही हुई तो केयर टेकर समेत के विरुद्ध कड़ी मेहनत की जाएगी लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
अधिकतर समुदायिक शौचालयों का ग्रामीण नही कर पा रहे इस्तेमाल
लोकमित्र ब्यूरो
लेड़ियारी (प्रयागराज)। समुदायिक शौचालयों के बंद दरवाजों की हकीकत शासन प्रशासन के सामने लाने और उनका ताला खुलवाकर जनता को उसका लाभ दिलाने के शुरू हुए विकास खंड कोरांव हकीकत देखा गया। ओडीएफ एक वर्ष घोषित हो चुके इन दिनों ब्लाकों मे अधिकतर समुदायिक शौचालय बने है लेकिन उनमें ताले लटक रहे है। जो खुले हुए भी है वह अव्यवस्था का शिकार है। इन शौचालयों के तैनात केयर टेकर को प्रति माह छह हजार रुपये मानदेय देने के साथ साफ-सफाई रखने के लिए तीन हजार रुपये मिल रहे है। जहां शौचालय खुले है वहां साबुन, तौलिया, निरमा और सफाई के उदाहरण तो बहुत दूर की बात शौचालयों मे खुद से बाल्टी मे पानी भरकर ले जाना पड़ता है। दोनों पालियों मे चार से नौ बजे के बीच शौचालय खोले जाने का नियम बताया गया है। लेकिन अपने बनाए पर भी शौचालयों मे ताला लटक रहे है। कोरांव विकास खंड मे 115 ग्राम सभा है। जहां कुछ शौचालय कम धनराशि व कुल पांच लाख रुपये की लागत से बनाए गए है। इसमे सभी के हाथों समुदायिक शौचालय को केयर टेकर के हाथों मे सौंप दिया गया है। देईबांध मे समुदायिक शौचालय का आज तक ताला नही खुल सका। जिससे लोगों मे अक्रोष है। लोग मजबूरन खुले मे शौच जाने को विवश है। ग्राम पंचायत डीही खुर्द मे बने समुदायिक शौचालय मे पानी की सप्लाई न होने के कारण शौचालय मे ताला बंद है और लोग खुले मे शौच जा रहे है। लेड़ियारी बाजार पुलिस सहायता केन्द्र के बगल बना हुआ है। इसे केवल पुलिस स्टाफ के लोग उपयोग करते है। समुदायिक शौचालय नीबी मे केयर टेकर गीता देवी  को 15 माह से मानदेय न मिलने नही जाती है। जबकि देखरेख सुरक्षा के अभाव मे लगे दरवाजा क्षतिग्रस्त और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। फिलहाल अधिकांश शौचालयों पर ताला लटक रहा है। जबकि 90 प्रतिशत मे बिजली न रोशनी और सबमर्सिबल के पानी के व्यवस्था भी नही है। ग्राम सभा धोबहट मजरा चैलारी डिनर बस्ती मे बनी  बंद पड़े ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पहले शौचालय बना लेकिन आज तक उसका ताला नही खोला जा सका है। इसमें गांव के लोग उपरी का ढेर लगा रहे हैं। इस संबंध में एडीओ पंचायत दिनेश चंद्र पाठक ने कहा कि जांच की जाएगी अगर शौचालय बंद पाये गये और सुविधाओं के साथ साफ-सफाई ठीक नही हुई तो केयर टेकर समेत के विरुद्ध कड़ी मेहनत की जाएगी लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।

Leave a Comment