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शासन के निर्देश पर ग्राम प्रधान और सिक्रेटरी ने आवारा पशुओं को पकड़ा

लोकमित्र ब्यूरो
फूलपुर (प्रयागराज)। एक पखवाड़े पहले सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि कोई भी बाहरी पशु कान्हा गौशालाओं में नहीं जायेगे। उसके पीछे हवाला दिया गया कि पशुओं में गंभीर बीमारी फैल रही है। इसके रोक थाम के लिए गांव गांव में पशुओं का टीकाकरण कराया जाय। अभी आधे गांवों में भी पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया। फिर से शासन का फरमान जारी हो गया कि क्षेत्र में जो भी आवारा पशु घूम रहे है, किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे, ऐसे आवारा पशुओं को ग्राम प्रधानों की मदद से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारियों की मदद से आवारा पशुओं को पकड़ कर क्षेत्र में नजदीकी गौशालाओं में जरूर डाल दे। जिससे किसानों की मेहनत की कमाई फसल को बर्बादी से रोका जा सके। इसको लेकर बुधवार को दिनभर विभागीय कर्मचारी ग्राम प्रधानों की मदद से आवारा पशुओं को पकड़ कर किसी तरह से क्षेत्र के नजदीकी कान्हा गौशालाओं में पहुंचाते रहे। इसको लेकर ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चाएं होती रही कि एक तरफ कान्हा गौशालाओं में अधिकांश पशु सुरक्षित नहीं है फिर सैकड़ों आवारा पशुओं की सुरक्षा कैसे की जायेगी।

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फूलपुर (प्रयागराज)। एक पखवाड़े पहले सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि कोई भी बाहरी पशु कान्हा गौशालाओं में नहीं जायेगे। उसके पीछे हवाला दिया गया कि पशुओं में गंभीर बीमारी फैल रही है। इसके रोक थाम के लिए गांव गांव में पशुओं का टीकाकरण कराया जाय। अभी आधे गांवों में भी पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया। फिर से शासन का फरमान जारी हो गया कि क्षेत्र में जो भी आवारा पशु घूम रहे है, किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे, ऐसे आवारा पशुओं को ग्राम प्रधानों की मदद से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारियों की मदद से आवारा पशुओं को पकड़ कर क्षेत्र में नजदीकी गौशालाओं में जरूर डाल दे। जिससे किसानों की मेहनत की कमाई फसल को बर्बादी से रोका जा सके। इसको लेकर बुधवार को दिनभर विभागीय कर्मचारी ग्राम प्रधानों की मदद से आवारा पशुओं को पकड़ कर किसी तरह से क्षेत्र के नजदीकी कान्हा गौशालाओं में पहुंचाते रहे। इसको लेकर ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चाएं होती रही कि एक तरफ कान्हा गौशालाओं में अधिकांश पशु सुरक्षित नहीं है फिर सैकड़ों आवारा पशुओं की सुरक्षा कैसे की जायेगी।

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