लोकमित्र ब्यूरो
नैनी (प्रयागराज)। श्री जन सेवा समिति रामलीला के दूसरे दिन शुक्रवार को भगवान राम के जन्म की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। महाराज दशरथ अपने नि:संतान होने की व्यथा गुरु वशिष्ट से कहते हैं। गुरु वशिष्ट श्रृंगी ऋषि को बुलवाकर पुत्रेष्टि यज्ञ करवाते हैं। चैत्र मास, नवमी तिथि को भगवान राम का जन्म होता है। जन्म के साथ ही भगवान राम अपने चतुर्भुज रूप में मां कौशल्या को दर्शन देते हैं। माता कौशल्या उनकी स्तुति करती हैं। शुक्रवार को रामलीला का शुभारंभ श्री देवराहा बाबा आश्रम, झूसी के महंत स्वामी रामदास जी महाराज ने भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान के मुकुट पूजन एवं आरती कर किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दुर्गेश दुबे वीके सिंह राजेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ दुकान जी, बच्चा लाल यादव, हरि शंकर सिंह, आर एल डी दुबे, रवि सिंह, विनय सिंह, वेदानंद वेद, गुरु प्रकाश राव, नरसिंह, रामजी मिश्र, हरिओम पांडे, मेवा लाल शुक्ला, अनुग्रह जायसवाल आर के शुक्ला, आदि उपस्थित रहे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी आर के शुक्ला ने दी।



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