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घर घर में हर दफ्तर में अब लिखा जाए केवल हिंदी

हिंदी पखवाड़े के तहत हिन्दी दिवस पर कविकुल का प्रथम काव्य समारोह आयोजित
प्रतापगढ़। हिन्दी पखवाड़ा के शुरुआत में हिंदी दिवस पर प्रथम काव्य समारोह साहित्यिक संस्था कविकुल की ओर से जीआईसी के सभागार में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि पं रामसेवक त्रिपाठी व मुख्य अतिथि विद्वान साहित्यकार डॉ डी.पी. ओझा रहे। विशिष्ट अतिथि सपा नेता व समाजसेवी अश्विनी सोनी व अति विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि डॉ संगमलाल त्रिपाठी भंवर तथा फिल्म कलाकार गणेश शर्मा कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन किया गया। संस्था के प्रबंधक आलोक आजाद व संगठन मंत्री अमन मिश्र प्रचंड ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। चर्चित कवयित्री चांदनी दूबे द्वारा मां वीणापाणि की वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कवि सत्येन्द्र सिंह सौम्य का गीत -” हिंदी भाषा हर भाषाओं की महतारी है।” खूब सराहा गया। ओज कवि हरिबहादुर सिंह हर्ष ने ” युद्ध छेड़ा जो किसी ने हमने किए हैं युद्ध।” से वातावरण में जोश भर दिया। युवा कवयत्री चांदनी दूबे ने ” दुनिया के हर भाषाओं की जान हमारी हिन्दी में ” तथा कविकुल के महासचिव शीतला सुजान ने हिंदी पर लिखा गीत- ” घर घर में हर दफ्तर में अब लिखा जाए केवल हिंदी, भारत माता के माथे की शोभा है अपनी हिंदी।” पर खूब तालियां बजी। तत्पश्चात अमरनाथ बेजोड़ व सत्येन्द्र सिंह सौम्य ने हिंदी भाषा के सम्मान में काव्यपाठ किया। इसके साथ ही सत्येन्द्र नाथ मिश्र मृदुल, ओम प्रकाश पंछी, उजद्द जौनपुरी, जगजीवन मिश्र, गंगा पांडेय भावुक, उत्कर्ष राजन, भंवर जी, गणेश शर्मा, विजय वैश्य ने अपने काव्य पाठ से लोगों को खूब आनंदित किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश व्योम व समापन आनंद मिश्र प्रचंड ने आए हुए अतिथियों का आभार प्रकट कर किया।

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हिंदी पखवाड़े के तहत हिन्दी दिवस पर कविकुल का प्रथम काव्य समारोह आयोजित
प्रतापगढ़। हिन्दी पखवाड़ा के शुरुआत में हिंदी दिवस पर प्रथम काव्य समारोह साहित्यिक संस्था कविकुल की ओर से जीआईसी के सभागार में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि पं रामसेवक त्रिपाठी व मुख्य अतिथि विद्वान साहित्यकार डॉ डी.पी. ओझा रहे। विशिष्ट अतिथि सपा नेता व समाजसेवी अश्विनी सोनी व अति विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि डॉ संगमलाल त्रिपाठी भंवर तथा फिल्म कलाकार गणेश शर्मा कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन किया गया। संस्था के प्रबंधक आलोक आजाद व संगठन मंत्री अमन मिश्र प्रचंड ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। चर्चित कवयित्री चांदनी दूबे द्वारा मां वीणापाणि की वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कवि सत्येन्द्र सिंह सौम्य का गीत -” हिंदी भाषा हर भाषाओं की महतारी है।” खूब सराहा गया। ओज कवि हरिबहादुर सिंह हर्ष ने ” युद्ध छेड़ा जो किसी ने हमने किए हैं युद्ध।” से वातावरण में जोश भर दिया। युवा कवयत्री चांदनी दूबे ने ” दुनिया के हर भाषाओं की जान हमारी हिन्दी में ” तथा कविकुल के महासचिव शीतला सुजान ने हिंदी पर लिखा गीत- ” घर घर में हर दफ्तर में अब लिखा जाए केवल हिंदी, भारत माता के माथे की शोभा है अपनी हिंदी।” पर खूब तालियां बजी। तत्पश्चात अमरनाथ बेजोड़ व सत्येन्द्र सिंह सौम्य ने हिंदी भाषा के सम्मान में काव्यपाठ किया। इसके साथ ही सत्येन्द्र नाथ मिश्र मृदुल, ओम प्रकाश पंछी, उजद्द जौनपुरी, जगजीवन मिश्र, गंगा पांडेय भावुक, उत्कर्ष राजन, भंवर जी, गणेश शर्मा, विजय वैश्य ने अपने काव्य पाठ से लोगों को खूब आनंदित किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश व्योम व समापन आनंद मिश्र प्रचंड ने आए हुए अतिथियों का आभार प्रकट कर किया।

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