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खूब दर्शायी भारतीय फिल्मों की विकास की कहानी

कोरस संस्था ने भारतीय सिनेमा के विकास का किया जीवन्त प्रस्तुतीकरण
प्रयागराज। भारतीय फ़िल्मों का इतिहास जनाने के उत्सुक लोगो को आज एक बड़ी सौगात मिली। दरसअल कोरस ग्रुप ने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि सिनेमा जगह ने आज़ादी के बाद से और साल 2022 तक कितनी तरक्की की इस बारे में विस्तार से डाक्यूमेंट्री के माध्यम से समझया गया और भारत मे पहला गाना कब बना इसके बारे में लोगो जानकारी दी गई। यही नही 60 सुर 70 के दशक के गांनो को भी प्रतिभागियों ने अपनी आवाज़ दी। भारती य सिनेमा जगत के सफर से प्रभावित होकर सीने प्रेमियों ने एक कोरस नामक एक संस्था बनाई है जो हर साल इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करती है। खास बात ये है कि इस कोरस ग्रुप में युवाओं के साथ साथ बुजुर्गो की भी बड़ी संख्या है और आज इन सभी ने पुराने गाने गा कर लोगो को ये समझाया कि भले ही 2022 में सिनेमा तो काफी तरक्की कर ली है लेकिन 60 और 70 के दशक वाले गांनो का आज भी कोई तोड़ नही है।

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कोरस संस्था ने भारतीय सिनेमा के विकास का किया जीवन्त प्रस्तुतीकरण
प्रयागराज। भारतीय फ़िल्मों का इतिहास जनाने के उत्सुक लोगो को आज एक बड़ी सौगात मिली। दरसअल कोरस ग्रुप ने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि सिनेमा जगह ने आज़ादी के बाद से और साल 2022 तक कितनी तरक्की की इस बारे में विस्तार से डाक्यूमेंट्री के माध्यम से समझया गया और भारत मे पहला गाना कब बना इसके बारे में लोगो जानकारी दी गई। यही नही 60 सुर 70 के दशक के गांनो को भी प्रतिभागियों ने अपनी आवाज़ दी। भारती य सिनेमा जगत के सफर से प्रभावित होकर सीने प्रेमियों ने एक कोरस नामक एक संस्था बनाई है जो हर साल इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करती है। खास बात ये है कि इस कोरस ग्रुप में युवाओं के साथ साथ बुजुर्गो की भी बड़ी संख्या है और आज इन सभी ने पुराने गाने गा कर लोगो को ये समझाया कि भले ही 2022 में सिनेमा तो काफी तरक्की कर ली है लेकिन 60 और 70 के दशक वाले गांनो का आज भी कोई तोड़ नही है।

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