कौशाम्बी । बिकास खण्ड कड़ा के ननमई गांव का एक कुनबा सात साल से छप्पर डाल कर अपना गुजारा कर रहा है। वर्षा में मकान गिरने के बाद से वह लगातार एक अदद आवास पाने के लिए प्रधान से लेकर उच्चाधिकारियों की चैखट पर दस्तक दे चुका है पर उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसे में पीड़ित परिवार खुली छत के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर है। ननमई निवासी अशोक कुमार गरीब है। उसके पास न तो जमीन है न राशन कार्ड है। किसी तरह वह मेहनत मजदूरी करके पत्नी सुषमा देवी के साथ तीन बच्चों की परवरिश करता है।
कौशाम्बी । बिकास खण्ड कड़ा के ननमई गांव का एक कुनबा सात साल से छप्पर डाल कर अपना गुजारा कर रहा है। वर्षा में मकान गिरने के बाद से वह लगातार एक अदद आवास पाने के लिए प्रधान से लेकर उच्चाधिकारियों की चैखट पर दस्तक दे चुका है पर उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसे में पीड़ित परिवार खुली छत के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर है। ननमई निवासी अशोक कुमार गरीब है। उसके पास न तो जमीन है न राशन कार्ड है। किसी तरह वह मेहनत मजदूरी करके पत्नी सुषमा देवी के साथ तीन बच्चों की परवरिश करता है।



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