करे कोई, भरे कोई
लोकमित्र ब्यूरो
प्रयागराज । रविवार को पटेल संस्थान आलोपीबाग में ग्राम पंचायत सचिवों की आवश्यक बैठक आहूत की गई। बैठक में प्रयागराज जनपद के कई विकास खण्ड से आये सचिवों ने भाग लिया। बैठक में विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा मनमानीपूर्ण कार्यवाही को लेकर रोष जताया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में केवल सचिव के खिलाफ कार्यवाही किया जा रहा है जबकि आवास में पात्रों के चयन में सचिव की कोई भूमिका नही होती है। चयन एवं अपात्र की कार्यवाही ग्राम पंचायत के अनुमोदन के बाद खण्ड विकास अधिकारी द्वारा की जाती है। बैठक में कहा गया कि विकास खण्ड स्तर पर प्रायः अवकाश पर ही मीटिंग बुलाई जाती है जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। अन्य विभागीय योजनायें आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य कार्यो हेतु सचिवों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। बैठक में उपस्थित ग्राम पंचायत सचिवों ने महीने में कई बार अनावश्यक रूप से मांगे जाने वाले चंदा को लेकर भी विरोध जताया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सचिवों ने गौशाला में चारा भूसा की सरकारी दर कम होने के बावजूद भी समय-समय पर जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा धनराशि नही दी जाती है और सचिवों पर गलत तरीके से कार्यवाही की गाज गिराई जाती है। हद तो तब हो जाती है कि ग्राम सचिवालयों में वाई-फाई और ब्राड बैंण्ड की सुविधा न होने के बावजूद ऑन लाइन कार्य कराने का दबाव बनाया जाता है। जबकि जिला स्तर पर इण्टरनेट के कनेक्शन हेतु टेण्डर दिया जा चुका है। इसी प्रकार जिला स्तर पर राज्यवित्त/केन्द्रीय वित्त में में श्रयांश भुगतान के सम्बंध में कोई स्पष्ट आदेश न होने के कारण सचिवों का उत्पीड़न किया जाता है। बैठक में अध्यक्ष समन्वय समिति के द्वारा बताया गया कि यदि 7 दिवस के अन्दर सचिवों के समस्याओं पर उच्चाधिकारियों द्वारा समुचित निर्णय नही लिया जाता तो जिले के सभी पंचायत सचिव कार्य बहिष्कार करेंगे। बैठक में ग्राम पंचायत सचिव सतीष सिंह, आलोक कुमार, हेमंत सिंह, अखिलेश यादव, दयाराम पटेल, शेखर श्रीवास्तव, आलोक त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी, वेद प्रकाश पाण्डेय, अंकित मौर्य, अनिल सिंह, राजेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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प्रयागराज । रविवार को पटेल संस्थान आलोपीबाग में ग्राम पंचायत सचिवों की आवश्यक बैठक आहूत की गई। बैठक में प्रयागराज जनपद के कई विकास खण्ड से आये सचिवों ने भाग लिया। बैठक में विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा मनमानीपूर्ण कार्यवाही को लेकर रोष जताया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में केवल सचिव के खिलाफ कार्यवाही किया जा रहा है जबकि आवास में पात्रों के चयन में सचिव की कोई भूमिका नही होती है। चयन एवं अपात्र की कार्यवाही ग्राम पंचायत के अनुमोदन के बाद खण्ड विकास अधिकारी द्वारा की जाती है। बैठक में कहा गया कि विकास खण्ड स्तर पर प्रायः अवकाश पर ही मीटिंग बुलाई जाती है जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। अन्य विभागीय योजनायें आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य कार्यो हेतु सचिवों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। बैठक में उपस्थित ग्राम पंचायत सचिवों ने महीने में कई बार अनावश्यक रूप से मांगे जाने वाले चंदा को लेकर भी विरोध जताया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सचिवों ने गौशाला में चारा भूसा की सरकारी दर कम होने के बावजूद भी समय-समय पर जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा धनराशि नही दी जाती है और सचिवों पर गलत तरीके से कार्यवाही की गाज गिराई जाती है। हद तो तब हो जाती है कि ग्राम सचिवालयों में वाई-फाई और ब्राड बैंण्ड की सुविधा न होने के बावजूद ऑन लाइन कार्य कराने का दबाव बनाया जाता है। जबकि जिला स्तर पर इण्टरनेट के कनेक्शन हेतु टेण्डर दिया जा चुका है। इसी प्रकार जिला स्तर पर राज्यवित्त/केन्द्रीय वित्त में में श्रयांश भुगतान के सम्बंध में कोई स्पष्ट आदेश न होने के कारण सचिवों का उत्पीड़न किया जाता है। बैठक में अध्यक्ष समन्वय समिति के द्वारा बताया गया कि यदि 7 दिवस के अन्दर सचिवों के समस्याओं पर उच्चाधिकारियों द्वारा समुचित निर्णय नही लिया जाता तो जिले के सभी पंचायत सचिव कार्य बहिष्कार करेंगे। बैठक में ग्राम पंचायत सचिव सतीष सिंह, आलोक कुमार, हेमंत सिंह, अखिलेश यादव, दयाराम पटेल, शेखर श्रीवास्तव, आलोक त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी, वेद प्रकाश पाण्डेय, अंकित मौर्य, अनिल सिंह, राजेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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