बाढ़ क्षेत्रों में समस्याओं का अंबार
प्रयागराज। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर का बढ़ना आज भी जारी है। जिससे गंगा और यमुना में पानी बढ़ने से कछारी क्षेत्रों में लोगों की नींद उड़ी हुई है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा 24 अगस्त को शाम 4 बजे बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक फाफामऊ में इस समय गंगा का जलस्तर 82.99 है। छतनाग में गंगा का जलस्तर 82.32 व नैनी में यमुना का जलस्तर 82.87 दर्ज किया गया है। गंगा और यमुना प्रति घंटे 8 सेंटीमीटर की दर से बढ़ रही हैं। अधिकतम बाढ़ बिंदु 84.734 से गंगा और यमुना अभी करीब 2 मीटर दूर हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने से कछारी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में छोटा बघाड़ा है। यहां करीब 500 घरों में पानी घुस गया है और आने-जाने के रास्ते बंद हो गए हैं। अब केवल नाव का ही सहारा बचा है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी हैं। छोटा बघाड़ा क्षेत्र में आबादी के लिहाज से नावें इतनी कम हैं कि लोगों को रोजमर्रा के सामान लाने के लिए घंटों इंतजार करने पड़ रहे हैं। इस क्षेत्र में रहने वाले प्रतियोगी और वासिंदे सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। गंगा में बाढ़ आने से छोटा बघाड़ा क्षेत्र में पानी भरने से कई घर आधे से ज्यादा डूब गए हैं। गंगा जमुना का पानी दो दिन स्थित रहने के बाद मंगलवार को एक बार फिर बढ़ने लगा है। ऐसे में अब बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्राें में बनाई गई 83 स्वास्थ्य चौकियों पर उल्टी, दस्त और बुखार से संबंधित दवाइयों का इंतजाम किया गया है। इन चौकयों पर डॉक्टरों की चार टीमें लगातार भ्रमण करती रहेंगी। आपदा प्रबंधन प्रभारी डॉ. संजय बरनवाल ने बताया कि जिन 12 चौकियों पर बाढ़ का ज्यादा प्रभाव है वहां डॉक्टरों की टीम सक्रिय किया गया है। वहां दवाइयों का वितरण किया गया है।



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