चायल तहसील परिसर में किया नारेबाजी दिया धरना
कौशाम्बी। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन सोमवार को अपने विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए चायल तहसील पहुुंचा। आरोप है कि अफसरों के न मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए धरने पर बैठ गया। कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे अध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक पूर्व में तहसील चायल का ट्रेजरी कार्यालय खुला था, जिससे लोगों को ट्रेजरी चालान जमा करने में आसानी होती थी, लेकिन इन दिनों कार्यालय बंद है। ऐसे में किसानों को खेतों की हकबन्दी कराने के लिए निर्धारित शुल्क 1000 रूपये जमा करने में परेशनियों का सामना करना पडता है। इतना ही नहीं असलहा लाइसेन्स शुल्क व निर्वाचन शुल्क समेत अन्य ट्रेजरी चालानों को भी जमान करने में दिक्कत होती है। जबकि सिराथू तहसील में ट्रेजरी कार्यालय खुला है। अब सवाल इस बात का उठ रहा है कि आखिरे चायल तहसील से सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। यह भी कहा कि जनपद में महिला थाना के बाउन्ड्री के अन्दर बगल में बड़े.बड़े गढ्डे है जो कि बारिस में हादसों का सबब बन जाते हैं, उसमें मिट्टी डलाकर उस गढ्डे को बराबर करवाया जाय ताकि फरियादियों को व महिला थाना कार्यरत कर्मियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
चायल तहसील परिसर में किया नारेबाजी दिया धरना
कौशाम्बी। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन सोमवार को अपने विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए चायल तहसील पहुुंचा। आरोप है कि अफसरों के न मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए धरने पर बैठ गया। कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे अध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक पूर्व में तहसील चायल का ट्रेजरी कार्यालय खुला था, जिससे लोगों को ट्रेजरी चालान जमा करने में आसानी होती थी, लेकिन इन दिनों कार्यालय बंद है। ऐसे में किसानों को खेतों की हकबन्दी कराने के लिए निर्धारित शुल्क 1000 रूपये जमा करने में परेशनियों का सामना करना पडता है। इतना ही नहीं असलहा लाइसेन्स शुल्क व निर्वाचन शुल्क समेत अन्य ट्रेजरी चालानों को भी जमान करने में दिक्कत होती है। जबकि सिराथू तहसील में ट्रेजरी कार्यालय खुला है। अब सवाल इस बात का उठ रहा है कि आखिरे चायल तहसील से सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। यह भी कहा कि जनपद में महिला थाना के बाउन्ड्री के अन्दर बगल में बड़े.बड़े गढ्डे है जो कि बारिस में हादसों का सबब बन जाते हैं, उसमें मिट्टी डलाकर उस गढ्डे को बराबर करवाया जाय ताकि फरियादियों को व महिला थाना कार्यरत कर्मियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।



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