V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

बाहर की दवाइयां लिखोगे, तो बाहर जाओगें:सीएमओ

सुलतानपुर।  जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारु रूप से कैसे चले इसका उदाहरण मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ डीके त्रिपाठी  से अच्छा और कौन होगा। मामला एक डाक्टर के द्वारा लगातार बाहर की दवाइयां लिखी जा रही थी, कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई ना होने के कारण उक्त डाक्टर बड़ी निडरता के साथ गरीब व असहाय मरीजों को हजारों रुपये की कमीशनखोरी की दवाइयां लिखी जा रही थी। पूरा मामला कुछ इस प्रकार से है, अमहट स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के बगल में ट्रामा सेंटर है, जहा डाॅ समीर सुमन की पोस्टिंग है, चूंकि डाक्टरों की भारी कमी के चलते मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.डीके त्रिपाठी के द्वारा डाॅ.समीर सुमन को जिला अस्पताल में सप्ताह में दो से तीन दिनों के लिए आर्थो विभाग की ओपीडी में लगा दिया। डाक्टर समीर सुमन को तो जैसे मांगी मुराद मिल गई हो, जिला अस्पताल पहुंचते ही भूल गए कि प्रदेश में जीरो टाॅलरेंस की योगी बाबा की सरकार चल रही है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का हाल ही में जिला अस्पताल का दौरा भी हो चुका है, अपने औचक निरीक्षण में डीसीएम बृजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग की बेहतर व्यवस्था के लिए उच्चाधिकारियों को साफ शब्दों में बताया भी गया है कि मरीजों को बाहर की दवाइयां नही लिखी जाएगी, तथा उनके साथ अच्छे व्यवहार से पेश आए, लेकिन मंत्रीजी के दिशा-निर्देश को दरकिनार करते हुए आर्थो ओपीडी में मरीजों को हजारों रुपये की बाहरी दवाइयां लिखने का काम सिलसिलेवार होता रहा। पूर्व में कई बार मुख्य चिकित्साधिक्षक डाॅ एससी कौशल से भी डाॅ समीर सुमन की शिकायतें हुई, परंतु नतीजा शिफर रहा। बुद्ववार को मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.डीके त्रिपाठी से डाॅ.समीर सुमन की शिकायत की गई। जिसका मौके पर ही सीएमओ डाॅ डीके त्रिपाठी ने दूरभाष पर डाॅ समीर सुमन को साफ शब्दों में कहाकि यदि आजके बाद शिकायतें मिली कि आपके द्वारा बाहर की दवाइयां लिखी जा रही है, तो आपको बाहर ही जाना पड़ेगा। सीएमओ डाॅ त्रिपाठी के द्वारा स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि आपके खिलाफ कार्रवाई के लिए आगे लिखापढी़ की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा डाॅ समीर सुमन से यहा तक कहा गया कि मेरे द्वारा आपकी जानकारी के लिए विशेष प्रकार से जांच की जाएगी, यदि एक भी बाहरी दवाइयों का साक्ष्य मिल गया तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।जिले में ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो किसी भी मामले का त्वरित निस्तारण कराने की क्षमता रखते हो, जिससे प्रदेश सरकार की छवि आम जनता के बीच बेहतर के साथ ही जनहितार्थ चलाई जा रही योजनाओं का शत-प्रतिशत आमलोगों तक लाभ पहुंचाने में आसानी हो।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
सुलतानपुर।  जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारु रूप से कैसे चले इसका उदाहरण मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ डीके त्रिपाठी  से अच्छा और कौन होगा। मामला एक डाक्टर के द्वारा लगातार बाहर की दवाइयां लिखी जा रही थी, कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई ना होने के कारण उक्त डाक्टर बड़ी निडरता के साथ गरीब व असहाय मरीजों को हजारों रुपये की कमीशनखोरी की दवाइयां लिखी जा रही थी। पूरा मामला कुछ इस प्रकार से है, अमहट स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के बगल में ट्रामा सेंटर है, जहा डाॅ समीर सुमन की पोस्टिंग है, चूंकि डाक्टरों की भारी कमी के चलते मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.डीके त्रिपाठी के द्वारा डाॅ.समीर सुमन को जिला अस्पताल में सप्ताह में दो से तीन दिनों के लिए आर्थो विभाग की ओपीडी में लगा दिया। डाक्टर समीर सुमन को तो जैसे मांगी मुराद मिल गई हो, जिला अस्पताल पहुंचते ही भूल गए कि प्रदेश में जीरो टाॅलरेंस की योगी बाबा की सरकार चल रही है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का हाल ही में जिला अस्पताल का दौरा भी हो चुका है, अपने औचक निरीक्षण में डीसीएम बृजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग की बेहतर व्यवस्था के लिए उच्चाधिकारियों को साफ शब्दों में बताया भी गया है कि मरीजों को बाहर की दवाइयां नही लिखी जाएगी, तथा उनके साथ अच्छे व्यवहार से पेश आए, लेकिन मंत्रीजी के दिशा-निर्देश को दरकिनार करते हुए आर्थो ओपीडी में मरीजों को हजारों रुपये की बाहरी दवाइयां लिखने का काम सिलसिलेवार होता रहा। पूर्व में कई बार मुख्य चिकित्साधिक्षक डाॅ एससी कौशल से भी डाॅ समीर सुमन की शिकायतें हुई, परंतु नतीजा शिफर रहा। बुद्ववार को मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.डीके त्रिपाठी से डाॅ.समीर सुमन की शिकायत की गई। जिसका मौके पर ही सीएमओ डाॅ डीके त्रिपाठी ने दूरभाष पर डाॅ समीर सुमन को साफ शब्दों में कहाकि यदि आजके बाद शिकायतें मिली कि आपके द्वारा बाहर की दवाइयां लिखी जा रही है, तो आपको बाहर ही जाना पड़ेगा। सीएमओ डाॅ त्रिपाठी के द्वारा स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि आपके खिलाफ कार्रवाई के लिए आगे लिखापढी़ की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा डाॅ समीर सुमन से यहा तक कहा गया कि मेरे द्वारा आपकी जानकारी के लिए विशेष प्रकार से जांच की जाएगी, यदि एक भी बाहरी दवाइयों का साक्ष्य मिल गया तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।जिले में ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो किसी भी मामले का त्वरित निस्तारण कराने की क्षमता रखते हो, जिससे प्रदेश सरकार की छवि आम जनता के बीच बेहतर के साथ ही जनहितार्थ चलाई जा रही योजनाओं का शत-प्रतिशत आमलोगों तक लाभ पहुंचाने में आसानी हो।

Leave a Comment