V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

चारा के अभाव में बेरौचा की गौशाला में दम तोड रहे गोवंश

सरायअकिल, कौशाम्बी।  कौशांबी ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत बेरौचा मजरा कैलाशपुर गांव में बेसहारा मवेशियों के संरक्षण के लिए गौशाला का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों की माने तो देखरेख व चारे के अभाव में मवेशी दम तोड़ रही है। शनिवार को दो और गोवंश की मौत हो गई है। इससे पहले भी कई मवेशियों की मौत हुई है। लगातार हो रहे बेजुबानों की मौत से ग्रामीणों में जिम्मेदारों पर नाराजगी है। शासन की ओर से गोवंश को संरक्षित करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। गांव-गांव गोशाला भी बनाए हैं। गोशाला के मवेशियों के संरक्षण की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग व ग्राम पंचायत को दी गई है। गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में 63 गोशालाएं संचालित हैं। आरोप है कि इन गोशालाओं में रहने वाले मवेशियों की देखरेख सही तरीके से नहीं की जा रही है। इसका नमूना कैलाशपुर स्थित गोशाला में देखने को मिला। हफ्ते मे कही एक बार चारा दिया जाता है। चारे के अभाव में वहां के मवेशी काफी कमजोर हो गए हैं। इस गोशाला में 190 गोवंश संरक्षित दिखाए गए हैं। गौशला मे वर्तमान समय पर 100 गोवंश मौजूद है शनिवार को दो गोवंश की मौत हो गई। इससे पहले भी चार मवेशियों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस गोशाला की ओर आकर्षित कराया है।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
सरायअकिल, कौशाम्बी।  कौशांबी ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत बेरौचा मजरा कैलाशपुर गांव में बेसहारा मवेशियों के संरक्षण के लिए गौशाला का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों की माने तो देखरेख व चारे के अभाव में मवेशी दम तोड़ रही है। शनिवार को दो और गोवंश की मौत हो गई है। इससे पहले भी कई मवेशियों की मौत हुई है। लगातार हो रहे बेजुबानों की मौत से ग्रामीणों में जिम्मेदारों पर नाराजगी है। शासन की ओर से गोवंश को संरक्षित करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। गांव-गांव गोशाला भी बनाए हैं। गोशाला के मवेशियों के संरक्षण की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग व ग्राम पंचायत को दी गई है। गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में 63 गोशालाएं संचालित हैं। आरोप है कि इन गोशालाओं में रहने वाले मवेशियों की देखरेख सही तरीके से नहीं की जा रही है। इसका नमूना कैलाशपुर स्थित गोशाला में देखने को मिला। हफ्ते मे कही एक बार चारा दिया जाता है। चारे के अभाव में वहां के मवेशी काफी कमजोर हो गए हैं। इस गोशाला में 190 गोवंश संरक्षित दिखाए गए हैं। गौशला मे वर्तमान समय पर 100 गोवंश मौजूद है शनिवार को दो गोवंश की मौत हो गई। इससे पहले भी चार मवेशियों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस गोशाला की ओर आकर्षित कराया है।

Leave a Comment