कौशाम्बी। गोपसहसा उपकेन्द्र के साथ करारी के म्योहर फीडर से जुड़े तराई गांवों में बिजली की अघोषित कटौती का सिलसिला नहीं थम रहा है। जर्जर तार आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। वहीं कृषि फीडर में भी पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है। 24 घंटे के रोस्टर में गांवों को दस घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जाती है। वह भी अघोषित कटौती का शिकार रहती है। बिजली की कटौती से उमस भरी गर्मीमें तराई के बाशिंदे उबल रहे हैं। वहीं किसानों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदार खामोशी अख्तियार किए हुए है। जिसे लेकर उपभोक्ताओं में रोष है।
कौशाम्बी। गोपसहसा उपकेन्द्र के साथ करारी के म्योहर फीडर से जुड़े तराई गांवों में बिजली की अघोषित कटौती का सिलसिला नहीं थम रहा है। जर्जर तार आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। वहीं कृषि फीडर में भी पर्याप्त बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है। 24 घंटे के रोस्टर में गांवों को दस घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जाती है। वह भी अघोषित कटौती का शिकार रहती है। बिजली की कटौती से उमस भरी गर्मीमें तराई के बाशिंदे उबल रहे हैं। वहीं किसानों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदार खामोशी अख्तियार किए हुए है। जिसे लेकर उपभोक्ताओं में रोष है।



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