हिंसा वाले दिन दिखीं बाहर की गाड़ियां, पुलिस वाहन मालिकों से करेगी पूछताछ
प्रयागराज। बीती 10 जून को प्रयागराज के अटाला में जुमे की नमाज के बाद उपद्रवी तत्वों ने जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और बमबाजी की थी। अब पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी है। पुलिस ने छानबीन और फुटेज के आधार पर कुल 85 लोगों का पोस्टर जारी करते हुए बताया है कि वह दंगों में शामिल थे। छानबीन के तहत पुलिस की ओर से आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डेढ़ दर्जन से अधिक संदिग्ध वाहन स्वामियों का पता लगा लिया गया है। ये लोग हिंसा के पहले तो मौजूद थे, लेकिन पथराव और आगजनी के बाद वहां से फरार हो गए। पुलिस को संदेह है कि अटाला हिंसा में भाड़े के उपद्रवी बुलाए गए थे। आरटीओ कार्यालय से संदिग्ध वाहनों का पता करने के लिए मदद ली जा रही है। कार्यालय ने संदिग्ध डेढ़ दर्जन वाहन स्वामियों के पंजीकरण के आधार पर नाम, पता आदि की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। आरटीओ प्रशासन सियाराम बर्मा का कहना है कि पुलिस की ओर से कुछ संदिग्ध वाहनों की लिस्ट दी गई थी। उससे संबंधित रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस अब इन वाहनों का सत्यापन कर रही है कि इनकी दंगा के दौरान क्या संलिप्तता थी। इसके बाद यदि कोई वाहन स्वामी दंगा में शामिल मिला, तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि 92 लोगों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। इसमें 85 लोग बालिग जबकि 7 नाबालिग हैं। गौरतलब है कि 5400 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। लगातार वीडियो और सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई और पूछताछ की जा रही है। पुख्ता और ठोस सबूत मिलने पर ही किसी को जेल भेजा जाएगा। किसी भी बेकसूर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के मानने वाले लोगों को अपना विरोध जताने का हक है। कानून के दायरे में रहते हुए वह विरोध जताते हैं, तो पुलिस और जिला प्रशासन उनको पूरी तरह से सपोर्ट करेगी।
हिंसा वाले दिन दिखीं बाहर की गाड़ियां, पुलिस वाहन मालिकों से करेगी पूछताछ
प्रयागराज। बीती 10 जून को प्रयागराज के अटाला में जुमे की नमाज के बाद उपद्रवी तत्वों ने जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और बमबाजी की थी। अब पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी है। पुलिस ने छानबीन और फुटेज के आधार पर कुल 85 लोगों का पोस्टर जारी करते हुए बताया है कि वह दंगों में शामिल थे। छानबीन के तहत पुलिस की ओर से आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डेढ़ दर्जन से अधिक संदिग्ध वाहन स्वामियों का पता लगा लिया गया है। ये लोग हिंसा के पहले तो मौजूद थे, लेकिन पथराव और आगजनी के बाद वहां से फरार हो गए। पुलिस को संदेह है कि अटाला हिंसा में भाड़े के उपद्रवी बुलाए गए थे। आरटीओ कार्यालय से संदिग्ध वाहनों का पता करने के लिए मदद ली जा रही है। कार्यालय ने संदिग्ध डेढ़ दर्जन वाहन स्वामियों के पंजीकरण के आधार पर नाम, पता आदि की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। आरटीओ प्रशासन सियाराम बर्मा का कहना है कि पुलिस की ओर से कुछ संदिग्ध वाहनों की लिस्ट दी गई थी। उससे संबंधित रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस अब इन वाहनों का सत्यापन कर रही है कि इनकी दंगा के दौरान क्या संलिप्तता थी। इसके बाद यदि कोई वाहन स्वामी दंगा में शामिल मिला, तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि 92 लोगों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। इसमें 85 लोग बालिग जबकि 7 नाबालिग हैं। गौरतलब है कि 5400 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। लगातार वीडियो और सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई और पूछताछ की जा रही है। पुख्ता और ठोस सबूत मिलने पर ही किसी को जेल भेजा जाएगा। किसी भी बेकसूर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के मानने वाले लोगों को अपना विरोध जताने का हक है। कानून के दायरे में रहते हुए वह विरोध जताते हैं, तो पुलिस और जिला प्रशासन उनको पूरी तरह से सपोर्ट करेगी।



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