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डाक्टरों को मिली जमानत, काम पर लौटे वार्ता का दौर शुरू

 दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या का हल निकालने में जुटा स्वास्थ महकमा
प्रतापगढ़। साथी डाक्टर से मारपीट के आरोपी राजा प्रताप बहादुर पुरुष अस्पताल के हड्डी के डाक्टर जेपी वर्मा और ईएमओ डाक्टर अनुज चौरसिया जमानत कराने के बाद सोमवार को काम पर लौटे। उन्होंने ओपीडी संभाल ली। मेडिकल और अस्पताल प्रशासन ने जिला अस्पताल की बिगड़ी इलाज की व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए दोनो पक्षों को बुलाकर उनके बीच सुलह समझौते कराकर बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिशें भी अधिकारियों की तरफ से तेज कर दी गई है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज के संविदा असिस्टेंट प्रोफेसर हड्डी के डाक्टर सचिन कुमार ने राजा प्रताप बहादुर पुरुष अस्पताल के हड्डी के डाक्टर जेपी वर्मा और ईएमओ डाक्टर अनुज चौरसिया समेत चार के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला स्वास्थ मंत्री तक पहुंच गया। इससे स्वास्थ विभाग की बड़ी छीछालेदर हुई। मंत्री ने सुधरने की चेतवानी दी थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनो आरोपी हाई कोर्ट चले गए। बताया जाता है कि दोनो को कोर्ट से जमानत मिल गई। सोमवार को डाक्टर जेपी वर्मा और अनुज चौरसिया अस्पताल में आए। इसी के साथ विवाद के बाद धूमिल छवि को सुधारने की कवायद भी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि प्रिंसिपल और सीएमएस ने डाक्टर सचिन, जेपी और अनुज के साथ अलग अलग मीटिंग करके विवाद को सुलझाने और एक नए माहौल में ड्यूटी करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिससे कि मरीजों को परेशानी न हो और स्वस्थ माहौल कायम हो सके। प्रिंसिपल आर्य देश दीपक ने बताया है कि उन्होनें इस बारे में डाक्टर जेपी वर्मा और अनुज चौरसिया से वार्ता की है। सचिन से भी वार्ता होगी। शांति और आपसी सहयोग, तालमेल बना रहे इसके लिए सीएमएस डाक्टर सुरेश सिंह ने भी डाक्टरों के साथ बैठक की।

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 दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या का हल निकालने में जुटा स्वास्थ महकमा
प्रतापगढ़। साथी डाक्टर से मारपीट के आरोपी राजा प्रताप बहादुर पुरुष अस्पताल के हड्डी के डाक्टर जेपी वर्मा और ईएमओ डाक्टर अनुज चौरसिया जमानत कराने के बाद सोमवार को काम पर लौटे। उन्होंने ओपीडी संभाल ली। मेडिकल और अस्पताल प्रशासन ने जिला अस्पताल की बिगड़ी इलाज की व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए दोनो पक्षों को बुलाकर उनके बीच सुलह समझौते कराकर बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिशें भी अधिकारियों की तरफ से तेज कर दी गई है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज के संविदा असिस्टेंट प्रोफेसर हड्डी के डाक्टर सचिन कुमार ने राजा प्रताप बहादुर पुरुष अस्पताल के हड्डी के डाक्टर जेपी वर्मा और ईएमओ डाक्टर अनुज चौरसिया समेत चार के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला स्वास्थ मंत्री तक पहुंच गया। इससे स्वास्थ विभाग की बड़ी छीछालेदर हुई। मंत्री ने सुधरने की चेतवानी दी थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनो आरोपी हाई कोर्ट चले गए। बताया जाता है कि दोनो को कोर्ट से जमानत मिल गई। सोमवार को डाक्टर जेपी वर्मा और अनुज चौरसिया अस्पताल में आए। इसी के साथ विवाद के बाद धूमिल छवि को सुधारने की कवायद भी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि प्रिंसिपल और सीएमएस ने डाक्टर सचिन, जेपी और अनुज के साथ अलग अलग मीटिंग करके विवाद को सुलझाने और एक नए माहौल में ड्यूटी करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिससे कि मरीजों को परेशानी न हो और स्वस्थ माहौल कायम हो सके। प्रिंसिपल आर्य देश दीपक ने बताया है कि उन्होनें इस बारे में डाक्टर जेपी वर्मा और अनुज चौरसिया से वार्ता की है। सचिन से भी वार्ता होगी। शांति और आपसी सहयोग, तालमेल बना रहे इसके लिए सीएमएस डाक्टर सुरेश सिंह ने भी डाक्टरों के साथ बैठक की।

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