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पौधरोपण कर पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है:एस के वर्मा

अयोध्या। 1974 से लेकर प्रत्येक वर्ष  5 जून को।विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है । रिपोर्ट बताती है की विश्व में हर 10 में से 9 व्यक्ति प्रदूषित हवा में सांस ले रहा है । डब्ल्यू एच ओ के अनुसार विश्व के 15 सबसे प्रदूषित शहरो में 14 शहर भारत के है। जिनमे कानपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है ।भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 12 लाख मौतें होती है । राजार्शी दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर के विभागाध्यक्ष डॉक्टर एस के वर्मा बताते है की वायु प्रदूषण से जहां मनुष्यों में दमा, गले में दर्द , एलर्जी , निमोनिया , ब्लड प्रेशर , हार्ट अटैक , डायबिटीज , चिड़चिड़ापन , बालों का गिरना सफेद होना सामान्य हो चुका है वही कैंसर जैसी गंभीर विमारियो को भी जन्म दे रहा है , यही नहीं प्रदूषण बढ़ने से वनस्पतियों , जीव जंतुओं , जलवायु, मौसम ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान हो रहा है, धरती के तापमान में वृद्धि हो रही है , वायु प्रदूषण से पुरुष और महिला दोनो की सेक्सुअल परफॉर्मेंस और प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है , मिस कैरीज, प्री मैच्योर डिलीवरी और बच्चों का वजन कम होने की संभावना बढ़ जाती है। हम आप यदि कुछ उपाय लगाए तो इसके प्रभाव को कम कर सकते है । जैसे अनियंत्रित कटाई पर रोक , शहरी क्षेत्रों में पलायन पर रोक , वाहनों पर अंकुश , सौर ऊर्जा एवम एल पी जी को बढ़ावा देना और यदि हम अपने सभी कार्यक्रमों स्मारकों और आयोजनों पर पौध रोपण करे तो समस्या कुछ हद तक हाल हो सकती है ।

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अयोध्या। 1974 से लेकर प्रत्येक वर्ष  5 जून को।विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है । रिपोर्ट बताती है की विश्व में हर 10 में से 9 व्यक्ति प्रदूषित हवा में सांस ले रहा है । डब्ल्यू एच ओ के अनुसार विश्व के 15 सबसे प्रदूषित शहरो में 14 शहर भारत के है। जिनमे कानपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है ।भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 12 लाख मौतें होती है । राजार्शी दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर के विभागाध्यक्ष डॉक्टर एस के वर्मा बताते है की वायु प्रदूषण से जहां मनुष्यों में दमा, गले में दर्द , एलर्जी , निमोनिया , ब्लड प्रेशर , हार्ट अटैक , डायबिटीज , चिड़चिड़ापन , बालों का गिरना सफेद होना सामान्य हो चुका है वही कैंसर जैसी गंभीर विमारियो को भी जन्म दे रहा है , यही नहीं प्रदूषण बढ़ने से वनस्पतियों , जीव जंतुओं , जलवायु, मौसम ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान हो रहा है, धरती के तापमान में वृद्धि हो रही है , वायु प्रदूषण से पुरुष और महिला दोनो की सेक्सुअल परफॉर्मेंस और प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है , मिस कैरीज, प्री मैच्योर डिलीवरी और बच्चों का वजन कम होने की संभावना बढ़ जाती है। हम आप यदि कुछ उपाय लगाए तो इसके प्रभाव को कम कर सकते है । जैसे अनियंत्रित कटाई पर रोक , शहरी क्षेत्रों में पलायन पर रोक , वाहनों पर अंकुश , सौर ऊर्जा एवम एल पी जी को बढ़ावा देना और यदि हम अपने सभी कार्यक्रमों स्मारकों और आयोजनों पर पौध रोपण करे तो समस्या कुछ हद तक हाल हो सकती है ।

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