– 27 मई तक चलेगा फाइलेरिया की दवाओं खिलाने को अभियान
– अभियान में जिले के 17 लाख लोग होंगे लाभांवित
लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) अनुपमा मिश्रा ने सभी कार्यरत आशा व स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि फाइलेरिया की दवा मानक के अनुरूप पूरी सतर्कता के साथ अपने सामने ही खिलाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए 1619 टीमों को लगाया गया है। एक टीम में दो व्यक्ति तैनात हैं। टीम के सहयोग के लिए 275 सुपरवाइजरों को भी इस अभियान में लगाया गया है। अभियान के दौरान जिले के 17 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व नोडल अधिकारी डॉ. डीएस यादव ने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य टीम के सभी सदस्य कोविड के नियमों का पूरी तरह पालन करें। अपने साथ मास्क और सैनेटाइजर जरूर ले जाएं। साथ ही अपने सामने दवा खिलाते समय दो गज की दूरी का अवश्य पालन करें। नेवादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित सिंह ने बताया कि उन लोगों को दवा नहीं देनी है, जो महिलाएं गर्भवती है। इनके लिए यह दवा खतरनाक साबित हो सकती हैं। यदि किसी को भी दवा खाने के बाद उल्टी आती है तो घबराएं नहीं। वह दो से चार घंटे बाद अपने आप ठीक हो जाता है। यदि न ठीक हो तो अपने क्षेत्र की आशा से सपर्क कर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद रैपिड रिस्पॉन्स टीम की देखरेख में उनका उपचार किया जाएगा।
– 27 मई तक चलेगा फाइलेरिया की दवाओं खिलाने को अभियान
– अभियान में जिले के 17 लाख लोग होंगे लाभांवित
लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) अनुपमा मिश्रा ने सभी कार्यरत आशा व स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि फाइलेरिया की दवा मानक के अनुरूप पूरी सतर्कता के साथ अपने सामने ही खिलाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए 1619 टीमों को लगाया गया है। एक टीम में दो व्यक्ति तैनात हैं। टीम के सहयोग के लिए 275 सुपरवाइजरों को भी इस अभियान में लगाया गया है। अभियान के दौरान जिले के 17 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व नोडल अधिकारी डॉ. डीएस यादव ने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य टीम के सभी सदस्य कोविड के नियमों का पूरी तरह पालन करें। अपने साथ मास्क और सैनेटाइजर जरूर ले जाएं। साथ ही अपने सामने दवा खिलाते समय दो गज की दूरी का अवश्य पालन करें। नेवादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित सिंह ने बताया कि उन लोगों को दवा नहीं देनी है, जो महिलाएं गर्भवती है। इनके लिए यह दवा खतरनाक साबित हो सकती हैं। यदि किसी को भी दवा खाने के बाद उल्टी आती है तो घबराएं नहीं। वह दो से चार घंटे बाद अपने आप ठीक हो जाता है। यदि न ठीक हो तो अपने क्षेत्र की आशा से सपर्क कर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद रैपिड रिस्पॉन्स टीम की देखरेख में उनका उपचार किया जाएगा।



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