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क्रांति दिवस पर आयोजित हुई संगोष्ठी

अयोध्या। 1857 की क्रांति से प्रेरणा लेकर हमें वर्तमान चुनौतियों पूंजीवाद सांप्रदायिकता तानाशाही तथा आर्थिक गुलामी से देश को बचाने के लिए एकजुट होना पड़ेगा। सभी क्रांतिकारियों शहीदों और राष्ट्र नायको के सपने को साकार किया जा सकता है। उक्त विचार समाजवादी जनता पार्टी चंद्रशेखर के प्रदेश अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने क्रांति दिवस के अवसर पर पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक दिवस है कि आज ही के दिन 1857 में क्रांति (देश के स्वतंत्रता आंदोलन )का आरंभ हुआ। जोकि निरंतर 90 वर्षों तक चलता रहा और 1947 में हमें आजादी हासिल हुई यदि हमारे बीच के ही कुछ गद्दारों ने इनाम तथा जागीरो के लालच में अंग्रेजों की मदद ना की होती तो आज से 165 वर्ष पूर्व देश आजाद हो गया होता उन्होंने कहा कि अट्ठारह 57 की क्रांति हिंदू मुस्लिम एकता भाईचारे और एकजुटता की भी मिसाल है जिसमें क्रांतिकारियों शहीद मौलवी अहमदुल्लाह साह, मंगल पांडे, बहादुर शाह जफर, वीर कुंवरसिंह राजा, बेनी माधव राजा जलाल बेगम हजरत महल झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तात्या टोपे नाना जी जैसे अनगिनत शहीदों राष्ट्र नायकों तथा क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व बलिदान करके देश की आजादी के संघर्ष को वीरता के साथ चलाया वह अद्वितीय एवं हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है उन्हें से प्रेरणा लेकर हमें वर्तमान चुनौतियां तथा देश के गद्दारों से मुकाबला करने के लिए एकजुट  होकर देश की एकता अखंडता  आपसी सद्भाव भाईचारे लोकतंत्र और आर्थिक समानता तथा बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने के लिए लामबंद होना पड़ेगा तभी शहीदों के सपनों को साकार किया जा सकेगा और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन्होंने यह भी कहा कि  देश में चल रही नफरत एवं विभाजन की संकीर्ण राजनीत के कारण वर्तमान पूंजीवादी व्यवस्था का विकृत स्वरूप सामने आया है वह अत्यंत अमानवीय और पीड़ादायक है  मजदूरों किसानों गरीबों वृद्धों तथा बेरोजगार लोगों के साथ सरकार द्वारा अमानवीय व्यवहार ही नहीं किया जा रहा है बल्कि लगातार बढ़ती हुई महंगाई में उन्हें भूखे प्यासे घुट घुट कर आत्महत्या  करने के लिए मजबूर किया जा रहा है । सरकार मदद के नाम पर केवल खानापूरी और कागजी कार्रवाई तक सीमित है । उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश सरकारों ने अतिक्रमण के नाम पर गरीबों एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों तथा निवासियों को बिना विस्थापित किए बुल डोजर चलाकर उजाड़ने एवं बेघर बेरोजगार करने का अभियान दुर्भाग्यपूर्ण तथा जनता के साथ अमानवीय क्रूर मजाक है  जोकि अत्यंत चिंता का विषय है । इसलिए भी यह अत्यंत आवश्यक है कि जनता अपने संविधान प्रदत्त  बुनियादी अधिकारों के लिए एकजुट होकर सरकार के जनविरोधी अमानवीय कृत्य खिलाफ अहिंसक क्रांति एवं संघर्ष का आरंभ 18 सो 57 के क्रांतिवीर से प्रेरणा ले कर करें संगोष्ठी मैं वरिष्ठ पत्रकार के पी सिंह ने कहा कि जनता को धार्मिक और गैरजरूरी सवालों पर उलझाया जा रहा है जिससे कि वह अपनी बुनियादी समस्याओं महंगाई बेकारी गैर बराबरी रोजी-रोटी शिक्षा स्वास्थ रोजगार पर सरकार के सामने सवाल ना खड़ा कर सकें इसके खिलाफ भी हमें जनता को जागरूक और सचेत करने की आवश्यकता है गोष्ठी को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यावर हुसैन ने कहा कि समाज में भय और आतंक का वातावरण सरकार बना रही है जिससे कि लोकतांत्रिक ढंग से लोग अपनी बात सरकार के सामने ना रख सके बुलडोजर तो सरकार के आतंक का प्रतीक बन चुका है जिसका प्रचार सरकार द्वारा  मीडिया में निरंतर किया जा रहा उन्होंने कहा कि हमें खुद जागरूक रहकर लोगों को जागरूक करना होगा और निर्भय होकर अपनी समस्याओं के निराकरण एवं आपसी सद्भाव के लिए एकजुट होना पड़ेगा पार्टी के प्रदेश सचिव अरुण कृष्ण उपाध्याय ने गोष्टी में कहा कि क्रांति दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस के साथ अपने देश और समाज को संप्रदायिक पूंजीवादी ताकतों से बचाने के लिए संघर्ष के लिए तैयार होना होगा संगोष्ठी को पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष जिला महासचिव मुकेश यादव विभा शुक्ला शबनम परवीन जहीर हसन जितेंद्र गौड़ संतोष सौरभ अग्रवाल आदि ने भी संबोधित किया

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अयोध्या। 1857 की क्रांति से प्रेरणा लेकर हमें वर्तमान चुनौतियों पूंजीवाद सांप्रदायिकता तानाशाही तथा आर्थिक गुलामी से देश को बचाने के लिए एकजुट होना पड़ेगा। सभी क्रांतिकारियों शहीदों और राष्ट्र नायको के सपने को साकार किया जा सकता है। उक्त विचार समाजवादी जनता पार्टी चंद्रशेखर के प्रदेश अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने क्रांति दिवस के अवसर पर पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक दिवस है कि आज ही के दिन 1857 में क्रांति (देश के स्वतंत्रता आंदोलन )का आरंभ हुआ। जोकि निरंतर 90 वर्षों तक चलता रहा और 1947 में हमें आजादी हासिल हुई यदि हमारे बीच के ही कुछ गद्दारों ने इनाम तथा जागीरो के लालच में अंग्रेजों की मदद ना की होती तो आज से 165 वर्ष पूर्व देश आजाद हो गया होता उन्होंने कहा कि अट्ठारह 57 की क्रांति हिंदू मुस्लिम एकता भाईचारे और एकजुटता की भी मिसाल है जिसमें क्रांतिकारियों शहीद मौलवी अहमदुल्लाह साह, मंगल पांडे, बहादुर शाह जफर, वीर कुंवरसिंह राजा, बेनी माधव राजा जलाल बेगम हजरत महल झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तात्या टोपे नाना जी जैसे अनगिनत शहीदों राष्ट्र नायकों तथा क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व बलिदान करके देश की आजादी के संघर्ष को वीरता के साथ चलाया वह अद्वितीय एवं हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है उन्हें से प्रेरणा लेकर हमें वर्तमान चुनौतियां तथा देश के गद्दारों से मुकाबला करने के लिए एकजुट  होकर देश की एकता अखंडता  आपसी सद्भाव भाईचारे लोकतंत्र और आर्थिक समानता तथा बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने के लिए लामबंद होना पड़ेगा तभी शहीदों के सपनों को साकार किया जा सकेगा और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन्होंने यह भी कहा कि  देश में चल रही नफरत एवं विभाजन की संकीर्ण राजनीत के कारण वर्तमान पूंजीवादी व्यवस्था का विकृत स्वरूप सामने आया है वह अत्यंत अमानवीय और पीड़ादायक है  मजदूरों किसानों गरीबों वृद्धों तथा बेरोजगार लोगों के साथ सरकार द्वारा अमानवीय व्यवहार ही नहीं किया जा रहा है बल्कि लगातार बढ़ती हुई महंगाई में उन्हें भूखे प्यासे घुट घुट कर आत्महत्या  करने के लिए मजबूर किया जा रहा है । सरकार मदद के नाम पर केवल खानापूरी और कागजी कार्रवाई तक सीमित है । उत्तर प्रदेश सहित प्रदेश सरकारों ने अतिक्रमण के नाम पर गरीबों एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों तथा निवासियों को बिना विस्थापित किए बुल डोजर चलाकर उजाड़ने एवं बेघर बेरोजगार करने का अभियान दुर्भाग्यपूर्ण तथा जनता के साथ अमानवीय क्रूर मजाक है  जोकि अत्यंत चिंता का विषय है । इसलिए भी यह अत्यंत आवश्यक है कि जनता अपने संविधान प्रदत्त  बुनियादी अधिकारों के लिए एकजुट होकर सरकार के जनविरोधी अमानवीय कृत्य खिलाफ अहिंसक क्रांति एवं संघर्ष का आरंभ 18 सो 57 के क्रांतिवीर से प्रेरणा ले कर करें संगोष्ठी मैं वरिष्ठ पत्रकार के पी सिंह ने कहा कि जनता को धार्मिक और गैरजरूरी सवालों पर उलझाया जा रहा है जिससे कि वह अपनी बुनियादी समस्याओं महंगाई बेकारी गैर बराबरी रोजी-रोटी शिक्षा स्वास्थ रोजगार पर सरकार के सामने सवाल ना खड़ा कर सकें इसके खिलाफ भी हमें जनता को जागरूक और सचेत करने की आवश्यकता है गोष्ठी को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यावर हुसैन ने कहा कि समाज में भय और आतंक का वातावरण सरकार बना रही है जिससे कि लोकतांत्रिक ढंग से लोग अपनी बात सरकार के सामने ना रख सके बुलडोजर तो सरकार के आतंक का प्रतीक बन चुका है जिसका प्रचार सरकार द्वारा  मीडिया में निरंतर किया जा रहा उन्होंने कहा कि हमें खुद जागरूक रहकर लोगों को जागरूक करना होगा और निर्भय होकर अपनी समस्याओं के निराकरण एवं आपसी सद्भाव के लिए एकजुट होना पड़ेगा पार्टी के प्रदेश सचिव अरुण कृष्ण उपाध्याय ने गोष्टी में कहा कि क्रांति दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस के साथ अपने देश और समाज को संप्रदायिक पूंजीवादी ताकतों से बचाने के लिए संघर्ष के लिए तैयार होना होगा संगोष्ठी को पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष जिला महासचिव मुकेश यादव विभा शुक्ला शबनम परवीन जहीर हसन जितेंद्र गौड़ संतोष सौरभ अग्रवाल आदि ने भी संबोधित किया

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