लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। सरायअकिल थाने के रक्सराई गांव में जालसाज ने प्रधानमंत्री आवास के नाम पर किसान से हजारों रुपये ठग लिए। आवास न मिलने से निराश पीड़ित ने शुक्रवार को थाने जाकर जालसाज के खिलाफ मामले की तहरीर दी। गांव निवासी मनीष कुमार किसानी कर परिवार का गुजारा करता है। मनीष के अनुसार पिछले दिनों उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए उसका चयन किया गया है। प्रधानमंत्री आवास की फाइल बनाने के लिए साढ़े तीन हजार रुपया गूगल पे करने के लिए कहा। मनीष उसके झांसे में आ गया और उसने रुपया ट्रांसफर कर दिया। दूसरे दिन फिर पांच हजार रुपया फाइल पास कराने के लिए मांगा गया। मनीष ने पांच हजार रुपया फिर भेज दिया। इसके बाद उससे नौ हजार रुपयों की मांग की गई। इस मांग पर जब मनीष ने उस नम्बर पर सम्पर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिला। इसकी जानकारी उसने अपने परिजनों को दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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कौशाम्बी। सरायअकिल थाने के रक्सराई गांव में जालसाज ने प्रधानमंत्री आवास के नाम पर किसान से हजारों रुपये ठग लिए। आवास न मिलने से निराश पीड़ित ने शुक्रवार को थाने जाकर जालसाज के खिलाफ मामले की तहरीर दी। गांव निवासी मनीष कुमार किसानी कर परिवार का गुजारा करता है। मनीष के अनुसार पिछले दिनों उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए उसका चयन किया गया है। प्रधानमंत्री आवास की फाइल बनाने के लिए साढ़े तीन हजार रुपया गूगल पे करने के लिए कहा। मनीष उसके झांसे में आ गया और उसने रुपया ट्रांसफर कर दिया। दूसरे दिन फिर पांच हजार रुपया फाइल पास कराने के लिए मांगा गया। मनीष ने पांच हजार रुपया फिर भेज दिया। इसके बाद उससे नौ हजार रुपयों की मांग की गई। इस मांग पर जब मनीष ने उस नम्बर पर सम्पर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिला। इसकी जानकारी उसने अपने परिजनों को दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।



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