योगी आदित्यनाथ के सरकार बनते ही सरकार को नीचा दिखाने का काम कर रहे तहसील कर्मचारी।
लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। अधिवक्तों ने ज्ञापन देते हुए कहा की दफा 34 की फाइलें डंप पड़ी है। 116 की पत्रावली या फाट बनाने हेतु लेखपाल के यहां 1 साल से 2 साल तक पड़ी रहती है धारा 38 की फाइलें आरके की रिपोर्ट आने के बावजूद अवैधानिक वसूली के चक्कर में सम्मान दिया जाना लेखपाल का बयान लिया जाना कहां तक सही है वकीलों ने धारा 24 की पत्रावली में पैसे जमा होने के बाद भी कानूनगो द्वारा समय सीमा के अंदर नाप न किया जाना तथा नाप हो जाने के बाद पत्थर गढ़ी ना किया जाना। बिना दलाली बाजारी के लेखपाल कानूनगो आगे फाइल नही बढ़ाते है इससे आम जनमानस ही नही बल्कि तहसील परिसर के अधिवक्तों में भी रोष है। तहसील परिसर में तहसील में बैठे कर्मचारियों के खिलाफ नारे बाजी करते हुए अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। जिसमे उपस्थित बार एसोसिएशन के मंत्री सगीर अहमद व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मानसिंह एडवोकेट बांके लाल पाल एडवोकेट राधे मोहन एडवोकेट एसपी यादव एडवोकेट राम नरेश पटेल एडवोकेट मनोज साहू एडवोकेट एसके मिश्रा एडवोकेट कमल नारायण पांडे आदि सैकड़ों अधिवक्ताओं मौजूद रहे।
योगी आदित्यनाथ के सरकार बनते ही सरकार को नीचा दिखाने का काम कर रहे तहसील कर्मचारी।
लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। अधिवक्तों ने ज्ञापन देते हुए कहा की दफा 34 की फाइलें डंप पड़ी है। 116 की पत्रावली या फाट बनाने हेतु लेखपाल के यहां 1 साल से 2 साल तक पड़ी रहती है धारा 38 की फाइलें आरके की रिपोर्ट आने के बावजूद अवैधानिक वसूली के चक्कर में सम्मान दिया जाना लेखपाल का बयान लिया जाना कहां तक सही है वकीलों ने धारा 24 की पत्रावली में पैसे जमा होने के बाद भी कानूनगो द्वारा समय सीमा के अंदर नाप न किया जाना तथा नाप हो जाने के बाद पत्थर गढ़ी ना किया जाना। बिना दलाली बाजारी के लेखपाल कानूनगो आगे फाइल नही बढ़ाते है इससे आम जनमानस ही नही बल्कि तहसील परिसर के अधिवक्तों में भी रोष है। तहसील परिसर में तहसील में बैठे कर्मचारियों के खिलाफ नारे बाजी करते हुए अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। जिसमे उपस्थित बार एसोसिएशन के मंत्री सगीर अहमद व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मानसिंह एडवोकेट बांके लाल पाल एडवोकेट राधे मोहन एडवोकेट एसपी यादव एडवोकेट राम नरेश पटेल एडवोकेट मनोज साहू एडवोकेट एसके मिश्रा एडवोकेट कमल नारायण पांडे आदि सैकड़ों अधिवक्ताओं मौजूद रहे।



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