लोकमित्र ब्यूरो
कौशाम्बी। कंपोजिट विद्यालय कैमा की हेडमास्टर ज्ञानमती यादव गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनकी विदाई पर छात्राएं खूब रोईं। शिक्षिका और छात्राओं का प्रेम देखकर लोगों की भी आंख भर आई थी। नम आंखों से लोगों ने शिक्षिका को विदाई दी। कंपोजिट विद्यालय कैमा की हेडमास्टर ज्ञानमती यादव गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनके रिटायर होने पर शिक्षकों ने विदाई समारोह का आयोजन किया था। जैसे ही समारोह शुरू हुआ और छात्राओं को उनके बारे में बताया गया कि आज से उनका विद्यालय में आखिरी दिन है। इसके बाद ज्ञानमती यादव ने सहायक अध्यापक देवीशरण को अपना कार्यभार सौंपा। इसके बाद देवीशरण ने उनको अंग वस्त्र भेंट किया। इस मौके पर शिक्षकों ने मिठाई भी खिलाई। शिक्षिका विदाई समारोह संपन्न होने के बाद जब जाने लगी तो कक्षा सात व आठ की छात्राएं उनसे लिपटकर रोने लगीं। ज्ञानमती छात्राओं से यही कहती रही कि अनुशासन में रहें और अपने गुरु का सम्मान करें। कहा कि शिक्षा ही तरक्की का मार्ग है, इसलिए नियमित स्कूल आएं।
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कौशाम्बी। कंपोजिट विद्यालय कैमा की हेडमास्टर ज्ञानमती यादव गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनकी विदाई पर छात्राएं खूब रोईं। शिक्षिका और छात्राओं का प्रेम देखकर लोगों की भी आंख भर आई थी। नम आंखों से लोगों ने शिक्षिका को विदाई दी। कंपोजिट विद्यालय कैमा की हेडमास्टर ज्ञानमती यादव गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनके रिटायर होने पर शिक्षकों ने विदाई समारोह का आयोजन किया था। जैसे ही समारोह शुरू हुआ और छात्राओं को उनके बारे में बताया गया कि आज से उनका विद्यालय में आखिरी दिन है। इसके बाद ज्ञानमती यादव ने सहायक अध्यापक देवीशरण को अपना कार्यभार सौंपा। इसके बाद देवीशरण ने उनको अंग वस्त्र भेंट किया। इस मौके पर शिक्षकों ने मिठाई भी खिलाई। शिक्षिका विदाई समारोह संपन्न होने के बाद जब जाने लगी तो कक्षा सात व आठ की छात्राएं उनसे लिपटकर रोने लगीं। ज्ञानमती छात्राओं से यही कहती रही कि अनुशासन में रहें और अपने गुरु का सम्मान करें। कहा कि शिक्षा ही तरक्की का मार्ग है, इसलिए नियमित स्कूल आएं।



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