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बीमार छुट्टा गोवंश पर कौवो ने हमला कर किया लहूलुहान

मुसीबत में पड़ी गाय की जान
तारुन-अयोध्या । बीकापुर तहसील अंतर्गत तारुन ब्लाक मुख्यालय के दक्षिण स्थित करनाईतारा तालाब पर कई दिनों से बीमार पड़ी बेसहारा छुट्टा गोबंश की कौवो ने हमलाकर उसकी आंख नोचकर लहूलुहान कर घायल दिया है। खून से लथपथ तड़फड़ाती गाय की दुर्दशा देख मौके पर पहुँचे ग्रामीण बजरंगी गौड़ रिंकी सिंह प्रदीप निषाद ने हमलावर पंक्षियों से गाय को बचाया। लोग इतने स्वार्थी हो गए है की जब तक गाय दूध देगी तब तक उसको रखेंगे।अन्यथा उसको घर से भगा दिया जाता है। फिर चाहे वह भूख से मरे या फिर प्यास से किसको परवाह है। आखिर अब तो छोड़ ही दिया। फिर चाहे वह किसी की फसल खराब ही क्यों न खराब करे। लेकिन किसकी मजाल जो कुछ कह सके। आखिर वह तो बेजुबान जानवर है भूख मिटाने के लिए कुछ न कुछ तो खायेगी ही। गाय को हमारे देश में मां का दर्जा प्राप्त है। तो वही बच्चो द्वारा मां के साथ इस तरह का बर्ताव करना सरासर अन्याय है। लेकिन ऐसी बातों का लोगो पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता । फिर भी कुछ दयालु प्रवृत्ति के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गाय के इलाज को मद्त की गुहार लगाई है जो चलने फिरने में असमर्थ हैं।

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मुसीबत में पड़ी गाय की जान
तारुन-अयोध्या । बीकापुर तहसील अंतर्गत तारुन ब्लाक मुख्यालय के दक्षिण स्थित करनाईतारा तालाब पर कई दिनों से बीमार पड़ी बेसहारा छुट्टा गोबंश की कौवो ने हमलाकर उसकी आंख नोचकर लहूलुहान कर घायल दिया है। खून से लथपथ तड़फड़ाती गाय की दुर्दशा देख मौके पर पहुँचे ग्रामीण बजरंगी गौड़ रिंकी सिंह प्रदीप निषाद ने हमलावर पंक्षियों से गाय को बचाया। लोग इतने स्वार्थी हो गए है की जब तक गाय दूध देगी तब तक उसको रखेंगे।अन्यथा उसको घर से भगा दिया जाता है। फिर चाहे वह भूख से मरे या फिर प्यास से किसको परवाह है। आखिर अब तो छोड़ ही दिया। फिर चाहे वह किसी की फसल खराब ही क्यों न खराब करे। लेकिन किसकी मजाल जो कुछ कह सके। आखिर वह तो बेजुबान जानवर है भूख मिटाने के लिए कुछ न कुछ तो खायेगी ही। गाय को हमारे देश में मां का दर्जा प्राप्त है। तो वही बच्चो द्वारा मां के साथ इस तरह का बर्ताव करना सरासर अन्याय है। लेकिन ऐसी बातों का लोगो पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता । फिर भी कुछ दयालु प्रवृत्ति के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गाय के इलाज को मद्त की गुहार लगाई है जो चलने फिरने में असमर्थ हैं।

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