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केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एलआईसी कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर जताया विरोध

अयोध्या। एलआईसी आईपीओ व सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भारतीय जीवन बीमा निगम में कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल को सोमवार से प्रारंभ किया।
 बेनीगंज स्थित एलआई. सी.  मंडल कार्यालय पर मंडल, अयोध्या व फैजाबाद शाखा के बीमा कर्मियों ने धरने व प्रदर्शन का आयोजन किया। मंडल कार्यालय के गेट पर धरने व प्रदर्शन की अध्यक्षता बीमा कर्मचारी संघ फ़ैज़ाबाद डिवीजन के मंडल अध्यक्ष कॉमरेड आर.डी. आनन्द व संचालन महासचिव आर. एस. चतुर्वेदी ने किया।  उपस्थित बीमा कर्मियों को सम्बोधित करते हुए संघ के नेताओं ने कहा कि एलआईसी से आईपीओ को वापस लिया जाय। एलआईसी में रिक्त हुए पदों पर शीघ्र भर्ती किया जाय। नई पेंशन स्कीम समाप्त करने व सभी कर्मचारी को पुरानी पेंशन स्कीम दिया जाय। नई श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए। एलआईसी / सार्वजनिक क्षेत्र में उद्योगों का निजीकरण न किया जाये एलआईसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती किया जाय। सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाय। सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर भर्ती की जाय।संविदा व ठेके जैसे अनुचित श्रम व्यवहार के स्थान पर स्थायी रोजगार दिया जाय। संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों को स्वीकार किया जाय। आयकर भुगतान न करने वाले परिवारों को प्रतिमाह 7500 रूपये की आय सहायता की जाय। कामगारों के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन तथा सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा हेतु सुविधाएँ प्रदान की जाय। मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाया जाय। बीमा प्रीमियम पर लगाये नजे वाले जीएसटी को वापस लिया जाय। विभागों से ठेका प्रथा समाप्त किया जाय। एफडीआई को पूर्ण रूप से वापस लिया जाय।अध्यक्ष कॉमरेड आर डी आनंद ने कहा कि 26  प्रतिशत एफडीआई को बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया। एफडीआई के बढ़ने से सरकार आईपीओ लाने में सफल हो गई। आईपीओ इंट्रोड्यूस होने से एलआईसी की शेयर मनी प्राइवेट हाथों में चली जाएगी जिससे एलआईसी के निजीकरण होने का खतरा है। जीआईसी में अभी तक वेज रिवीजन नही हुआ है। यह एक बड़ी विडंबना है कॉमरेड आनंद ने बताया कि ट्रेड यूनियन क्रांति की पाठशाला है। इस पाठशाला में साथियों को परिवर्तन के बनिस्बत सीखना और सिखाना चाहिए। पूँजीपतियों के मुनाफे को अक्षुण बनाए रखने के लिए मँहगाई को बेतहासा बढ़ाया जा रहा है।  हड़ताल के दौरान सरकार की उक्त नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व धरना दिया गया। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से देवांशु गौड, सीएम पाण्डेय, कामता प्रसाद तिवारी, केके वर्मा, सत्यदेव प्रजापति, सुनीता सिंह, संगीता गौड, शकुन्तला पाणेय, संजीव सिंह, शशांक मौर्या, सीपी शुक्ला, केके पाण्डेय, गणेश कुमार, कुमार वैभव, राज कुमार यादव, राजेश कुमार, पंकज यादव, राम कैलाश, केके द्विवेदी, अजीत मथारिया, अजय कुमार, राम तेज, लालमन, ज्ञान प्रकाश शर्मा, बलदेव यादव, सुरेन्द्र प्रताप, बलराम यादव, झारखण्डे वर्मा, सन्दीप सिंह, आलोक सिंह, तुषार श्रीवास्तव, सालिक राम यादव, सुनील कुमार आदि अनेक बीमा कर्मी शामिला रहें।

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अयोध्या। एलआईसी आईपीओ व सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को भारतीय जीवन बीमा निगम में कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल को सोमवार से प्रारंभ किया।
 बेनीगंज स्थित एलआई. सी.  मंडल कार्यालय पर मंडल, अयोध्या व फैजाबाद शाखा के बीमा कर्मियों ने धरने व प्रदर्शन का आयोजन किया। मंडल कार्यालय के गेट पर धरने व प्रदर्शन की अध्यक्षता बीमा कर्मचारी संघ फ़ैज़ाबाद डिवीजन के मंडल अध्यक्ष कॉमरेड आर.डी. आनन्द व संचालन महासचिव आर. एस. चतुर्वेदी ने किया।  उपस्थित बीमा कर्मियों को सम्बोधित करते हुए संघ के नेताओं ने कहा कि एलआईसी से आईपीओ को वापस लिया जाय। एलआईसी में रिक्त हुए पदों पर शीघ्र भर्ती किया जाय। नई पेंशन स्कीम समाप्त करने व सभी कर्मचारी को पुरानी पेंशन स्कीम दिया जाय। नई श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए। एलआईसी / सार्वजनिक क्षेत्र में उद्योगों का निजीकरण न किया जाये एलआईसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती किया जाय। सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाय। सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर भर्ती की जाय।संविदा व ठेके जैसे अनुचित श्रम व्यवहार के स्थान पर स्थायी रोजगार दिया जाय। संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों को स्वीकार किया जाय। आयकर भुगतान न करने वाले परिवारों को प्रतिमाह 7500 रूपये की आय सहायता की जाय। कामगारों के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन तथा सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा हेतु सुविधाएँ प्रदान की जाय। मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाया जाय। बीमा प्रीमियम पर लगाये नजे वाले जीएसटी को वापस लिया जाय। विभागों से ठेका प्रथा समाप्त किया जाय। एफडीआई को पूर्ण रूप से वापस लिया जाय।अध्यक्ष कॉमरेड आर डी आनंद ने कहा कि 26  प्रतिशत एफडीआई को बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया। एफडीआई के बढ़ने से सरकार आईपीओ लाने में सफल हो गई। आईपीओ इंट्रोड्यूस होने से एलआईसी की शेयर मनी प्राइवेट हाथों में चली जाएगी जिससे एलआईसी के निजीकरण होने का खतरा है। जीआईसी में अभी तक वेज रिवीजन नही हुआ है। यह एक बड़ी विडंबना है कॉमरेड आनंद ने बताया कि ट्रेड यूनियन क्रांति की पाठशाला है। इस पाठशाला में साथियों को परिवर्तन के बनिस्बत सीखना और सिखाना चाहिए। पूँजीपतियों के मुनाफे को अक्षुण बनाए रखने के लिए मँहगाई को बेतहासा बढ़ाया जा रहा है।  हड़ताल के दौरान सरकार की उक्त नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व धरना दिया गया। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से देवांशु गौड, सीएम पाण्डेय, कामता प्रसाद तिवारी, केके वर्मा, सत्यदेव प्रजापति, सुनीता सिंह, संगीता गौड, शकुन्तला पाणेय, संजीव सिंह, शशांक मौर्या, सीपी शुक्ला, केके पाण्डेय, गणेश कुमार, कुमार वैभव, राज कुमार यादव, राजेश कुमार, पंकज यादव, राम कैलाश, केके द्विवेदी, अजीत मथारिया, अजय कुमार, राम तेज, लालमन, ज्ञान प्रकाश शर्मा, बलदेव यादव, सुरेन्द्र प्रताप, बलराम यादव, झारखण्डे वर्मा, सन्दीप सिंह, आलोक सिंह, तुषार श्रीवास्तव, सालिक राम यादव, सुनील कुमार आदि अनेक बीमा कर्मी शामिला रहें।

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