बिभाग से मिल रही हरी झंडी
कौशाम्बी। भांग की दुकाने अवैध व्यापार का हब बनती जा रही है। कस्बों में संचालित सरकारी भांग की दुकानों में प्रत्येक सप्ताह गांजा की खेप पहुंचती है। फिर सेल्समैन द्वारा पूरे दिन गांजा की पुडिया बनाकर शौकीनों के हाथ बेचा जाता है। इसकी जानकारी से भले ही बिभाग के जिम्मेदार व इलाकाई पुलिस इंकार करे लेकिन सूत्रों का मानना है कि पुलिसिया कार्यवाही न होने के पीछे मिल रही माहवारी माना जा रहा है। सरकारी भांग की दुकानों में की जा रही गांजा की बिक्री को लेकर इलाकाई बुद्धिजीवियों में हैरानी है। ऐसे लोगों की बातों पर यकीन करें तो कहा जा रहा है कि गांजा की बिक्री से युवा पीढी इस नशे की लती होती जा रही है। ऐसे में जहां युवाओं के परिवार का भविष्य संकट में है वहीं देश का युवा अपने आप को नशे की लत में डूबोता जा रहा है। जबकि यदि आबकारी विभाग व इलाकाई पुलिस ऐसे अवैध व्यापार पर शिकंजा कसना शुरू कर दे तो शायद इससे निजात मिल सकती है लेकिन मिल रही माहवारी के रूप में मोटी रकम के आगे पुलिस कोई कार्यवाही करती नहीं दिख रही है। लोगों ने इस ओर तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा का ध्यान आकृष्ट कराया है।



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