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एम पी एमएलए कोर्ट ने पूर्व सांसद अक्षय प्रताप को सुनाई सात साल की सजा व जुर्माना

प्रतापगढ़ । जनपद की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी को फर्जी पते से शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के आरोप में सात साल की सजा व जुर्माने से दण्डित किया है । आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बलराम दास जायसवाल सिविल जज सी डी /एफटीसी द्वितीय ,एमपी एमएलए कोर्ट ने आरोपी अभियुक्त अक्षय प्रताप सिंह को सात वर्ष के कारावास एवं जुर्माने की सजा से दण्डित किया ।    ज्ञात हो कि पूर्व सांसद गोपाल जी के विरुद्ध वर्ष 1997 में थाना कोतवाली नगर में मु0 अपराध संख्या 1548 /97धारा 420, 468 , 471 भा द वि के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमे अक्षय प्रताप सिंह के विरुद्ध आरोप लगाया गया था कि उन्होंने फर्जी  पता दिखाकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया है ।  मुकदमे में विवेचक द्वारा  आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया , न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध दिनाँक 15 मार्च 2022 को आरोप सिद्ध होने का निर्णय सुनाया था और सजा के विन्दु पर 22 मार्च 2022 को सुनवाई पूरी करके 23 मार्च को निर्णय हेतु तारीख नियत की गई थी । आज दिन में साढ़े तीन बजे अधिवक्ताओं से भरी कोर्ट में निर्णय सुनाने के लिये मजिस्ट्रेट उपस्थित हुए तो उन्होनें हाथ जोड़कर अधिवक्ताओं का अभिवादन किया और चेहरे पर गम्भीरता लिये हुए उन्होंने आरोपी को सात साल की सजा औरजुर्माने से दण्डित किया ।

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प्रतापगढ़ । जनपद की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी को फर्जी पते से शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के आरोप में सात साल की सजा व जुर्माने से दण्डित किया है । आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बलराम दास जायसवाल सिविल जज सी डी /एफटीसी द्वितीय ,एमपी एमएलए कोर्ट ने आरोपी अभियुक्त अक्षय प्रताप सिंह को सात वर्ष के कारावास एवं जुर्माने की सजा से दण्डित किया ।    ज्ञात हो कि पूर्व सांसद गोपाल जी के विरुद्ध वर्ष 1997 में थाना कोतवाली नगर में मु0 अपराध संख्या 1548 /97धारा 420, 468 , 471 भा द वि के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमे अक्षय प्रताप सिंह के विरुद्ध आरोप लगाया गया था कि उन्होंने फर्जी  पता दिखाकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया है ।  मुकदमे में विवेचक द्वारा  आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया , न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध दिनाँक 15 मार्च 2022 को आरोप सिद्ध होने का निर्णय सुनाया था और सजा के विन्दु पर 22 मार्च 2022 को सुनवाई पूरी करके 23 मार्च को निर्णय हेतु तारीख नियत की गई थी । आज दिन में साढ़े तीन बजे अधिवक्ताओं से भरी कोर्ट में निर्णय सुनाने के लिये मजिस्ट्रेट उपस्थित हुए तो उन्होनें हाथ जोड़कर अधिवक्ताओं का अभिवादन किया और चेहरे पर गम्भीरता लिये हुए उन्होंने आरोपी को सात साल की सजा औरजुर्माने से दण्डित किया ।

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