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काव्य की रसधार से सराबोर हुए शिवभक्त

भयहरणनाथ धाम । प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरणनाथ धाम में प्रबन्ध समिति के सदस्यों, पदाधिकारियो व संरक्षकों द्वारा प्रबन्ध समिति की बैठक के बाद भगवान भोले नाथ के प्रसिद्ध शिवलिंग को साक्षी मानकर अद्भुत फूलो की होली खेली गई । भगवान भोले नाथ की विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात विधि विधान से प्राकृतिक होली मुख्य मंदिर में हुई। इस अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ अशोक अग्रहरि ने किया । बलिया से पधारे जन कवि प्रकाश जी , रायबरेली से डॉ पीयूष मिश्र पीयूष, प्रयागराज से डा नीलिमा मिश्रा व स्थानीय कवि प्रियांशु द्विवेदी व प्रभात मिश्र ने होली पर केंद्रित एक से बढ़कर एक रचनाये प्रस्तुत कर शिवभक्तों को काव्य की रसधार से सराबोर कर दिया। सदस्यो ने कवियों के संग फूलो की होली खेली व सभी को अंग वस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। कवि सम्मेलन का संचालन ख्यातिप्राप्त संचालक शरद मिश्र ने किया।

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भयहरणनाथ धाम । प्रसिद्ध पांडव कालीन भयहरणनाथ धाम में प्रबन्ध समिति के सदस्यों, पदाधिकारियो व संरक्षकों द्वारा प्रबन्ध समिति की बैठक के बाद भगवान भोले नाथ के प्रसिद्ध शिवलिंग को साक्षी मानकर अद्भुत फूलो की होली खेली गई । भगवान भोले नाथ की विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात विधि विधान से प्राकृतिक होली मुख्य मंदिर में हुई। इस अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ अशोक अग्रहरि ने किया । बलिया से पधारे जन कवि प्रकाश जी , रायबरेली से डॉ पीयूष मिश्र पीयूष, प्रयागराज से डा नीलिमा मिश्रा व स्थानीय कवि प्रियांशु द्विवेदी व प्रभात मिश्र ने होली पर केंद्रित एक से बढ़कर एक रचनाये प्रस्तुत कर शिवभक्तों को काव्य की रसधार से सराबोर कर दिया। सदस्यो ने कवियों के संग फूलो की होली खेली व सभी को अंग वस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। कवि सम्मेलन का संचालन ख्यातिप्राप्त संचालक शरद मिश्र ने किया।

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