कौशाम्बी। मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र में अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया | इस अवसर पर महिला वैज्ञानिक डॉ मीनाक्षी सक्सेना ने चायल ब्लाक की सी.डी.पी.ओ. की प्रतिनिधि पुष्पा को पुष्प गुछ देकर स्वागत किया ।इसके साथ ही महिलाओ मे पोषण प्रबंधन विषयक जानकारी प्रदान की एवं केन्द्र के वैज्ञानिको के साथ दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।कार्यक्रम के प्रारम्भ केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार सिंह ने अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दिवस को आप सभी को एक समारोह के रूप मे मनाया जाना चाहिए एवं जैसा कि इस बार की थीम है,कि”मजबूत भविष्य के लिए लैंगिक समानता जरूरी है”।एवं उपस्थित महिलाओ को हार्दिक शुभकामनाये दी और कहा की महिलाये आज सशक्त होकर आय-सृजन का कार्य कर रही हैं | केन्द्र के पशु वैज्ञानिक डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा की ये दिवस महिलाओं के त्याग, साहस और सम्मान को समर्पित दिन है। उन्होंने कहा कि आज महिलाओ को पुरुषो से कन्धा मिलाकर चलने की आवश्यकता है| केन्द्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ नवीन कुमार शर्मा ने अपने सम्बोधन मे कहा कि की आज के दिन दुनियाभर में महिला शक्ति को नमन किया जा रहा है | महिला सशक्तिकरण में सबसे अहम महिला शिक्षा है ,क्योंकि जब महिलाएं शिक्षित होंगी, तभी वह अपने अधिकारों को जान पाएंगी और फिर उनके लिए संघर्ष कर सकेंगी | केन्द्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ अमित कुमार केशरी ने महिलाओ को समूह बनाकर लघु उद्यम करके आय सृजन करने की चर्चा की | जिससे महिलाए सामाजिक, आर्थिक रूप से मजबूत हो सके और आत्मनिर्भर होकर अपने समाज में आत्मसम्मान पा सके | अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोष्टी, प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनी के माध्यम से , सुनील कुमार, शेषनाथ यादव आदि ने अनाज भंडारण, नवीन सिकल के प्रयोग के विषय मे विस्तृत जानकारी दी।उक्त कार्यक्रम मे महिलाओ ने प्रतिभाग किया साथ ही साथ मेहँदी प्रतियोगिता रखी गयी जिसमे प्रथम,द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया |
कौशाम्बी। मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र में अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया | इस अवसर पर महिला वैज्ञानिक डॉ मीनाक्षी सक्सेना ने चायल ब्लाक की सी.डी.पी.ओ. की प्रतिनिधि पुष्पा को पुष्प गुछ देकर स्वागत किया ।इसके साथ ही महिलाओ मे पोषण प्रबंधन विषयक जानकारी प्रदान की एवं केन्द्र के वैज्ञानिको के साथ दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।कार्यक्रम के प्रारम्भ केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार सिंह ने अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दिवस को आप सभी को एक समारोह के रूप मे मनाया जाना चाहिए एवं जैसा कि इस बार की थीम है,कि”मजबूत भविष्य के लिए लैंगिक समानता जरूरी है”।एवं उपस्थित महिलाओ को हार्दिक शुभकामनाये दी और कहा की महिलाये आज सशक्त होकर आय-सृजन का कार्य कर रही हैं | केन्द्र के पशु वैज्ञानिक डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा की ये दिवस महिलाओं के त्याग, साहस और सम्मान को समर्पित दिन है। उन्होंने कहा कि आज महिलाओ को पुरुषो से कन्धा मिलाकर चलने की आवश्यकता है| केन्द्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ नवीन कुमार शर्मा ने अपने सम्बोधन मे कहा कि की आज के दिन दुनियाभर में महिला शक्ति को नमन किया जा रहा है | महिला सशक्तिकरण में सबसे अहम महिला शिक्षा है ,क्योंकि जब महिलाएं शिक्षित होंगी, तभी वह अपने अधिकारों को जान पाएंगी और फिर उनके लिए संघर्ष कर सकेंगी | केन्द्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ अमित कुमार केशरी ने महिलाओ को समूह बनाकर लघु उद्यम करके आय सृजन करने की चर्चा की | जिससे महिलाए सामाजिक, आर्थिक रूप से मजबूत हो सके और आत्मनिर्भर होकर अपने समाज में आत्मसम्मान पा सके | अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोष्टी, प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनी के माध्यम से , सुनील कुमार, शेषनाथ यादव आदि ने अनाज भंडारण, नवीन सिकल के प्रयोग के विषय मे विस्तृत जानकारी दी।उक्त कार्यक्रम मे महिलाओ ने प्रतिभाग किया साथ ही साथ मेहँदी प्रतियोगिता रखी गयी जिसमे प्रथम,द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया |



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