दिन भर चला नज़्रो नियाज़ का दौर-केक भी काटा गया
प्रयागराज। इसलामिक माह शाबान की तीन तारीख को नवासा ए रसूल हज़रत इमाम हुसैन की विलादत के मौक़े पर जगहाँ जगहाँ शरबत की सबील लगाई गई जहाँ राहगीरों व अक़ीदतमन्दो ने नज़्रे इमाम हुसैन के मौक़े पर शरबत पीया और करबला मे तीन दिन की भूख और प्यास की शिद्दत मे शहीद हुए इमाम हुसैन की प्यास को याद किया। दरियाबाद स्थित दरगाह हज़रत अब्बास के प्रांगण मे शारुक़ ज़ैदी के ओर से दरगाह मे आने वाले ज़ायरीनो को शरबत पिलाया गया और केक भी काटा गया। वहीं चौक मीरगंज मे वक़्फ इमामबाड़ा वज़ीर जान बीबी कमेटी की ओर से भी सबील लगाई गई। इमाम ए जुमा वल जमात सै०हसन रज़ा ज़ैदी ने अपने हाँथों से आने जाने वाले राहगीरों को शरबत तक़सीम किया। दरगाह इमाम हुसैन मे मौलाना सज्जाद हुसैन रिज़वी की क़यादत मे जहाँ नज़्रो नियाज़ दिलाई गई। करैली, दरियाबाद, रानीमण्डी, बख्शी बाज़ार, शाहगंज, दायरा शाह अजमल मे कहीं महिलाओं तो कहीं पुरुषों की महफिलें आयोजित कर इमाम हुसैन की विलादत पर जश्न मनाया गया। अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के प्रवक्ता सै०मो०अस्करी के मुताबिक़ मंगलवार को माहे शाबान की चार तारीख को अलमबरदारे हुसैनी सक़्क़ा ए हरम बाबुलहवाएज हज़रत अब्बास (अ०स०) की यौमे पैदाईश के पुरमसर्रत के मौक़े पर जहाँ दरियाबाद दरगाह हज़रत अब्बास मे विशाल दस्तरख्वान सजा कर नज़्रे अब्बास होगी वहीं आज़ाद नगर करैली मे अब्बास गुड्डू की ओर से ग़ाज़ी हाऊस मे रात्रि 8 बजे से जश्ने सब्रो वफा के उनवान से महफिल नज़्रे मौला अब्बास होगी। महफिल मे शफक़त अब्बास पाशा की निज़ामत और मौलाना सै० अली गौहर की तक़रीर होगी दर्जनो मुक़ामी शायर महफिल मे अपने अशआर सुनाएंगे।



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