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सीडीपीओ पर मुकदमा दर्ज, बाल पुष्टाहार में गबन का है मामला

प्रयागराज। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में 26 लाख का पोषाहार बेचने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। डीपीओ पंकज मिश्रा की तहरीर पर होलागढ़ थाने में आरोपी सीडीपीओ रामजनम यादव के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, फ्राड समेत 13 विभिनन धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। इससे पहले रामजनम को होलागढ़ सीडीपीओ के पद से हटाकर डीपीओ कार्यालय प्रयागराज से संबंद्ध किया गया था। अब उन पर कानूनी व विभागीय कार्रवाई होगी। इसके अलावा ट्रक चालक सोनू निषाद निवासी घूरपुर बीकर व नेफेड कर्मचारी रोहित तिवारी भी नामजद हुए हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री से 17 फरवरी को होलागढ़ के सीडीपीओ की शिकायत पहुंची थी। आरोप लगाया गया था कि एक माह का खाद्यान्न बेच दिया गया है। डीएम के आदेश पर डीपीओ समेत दो सदस्यीय जांच टीम गठित हुई। 18 फरवरी ने टीम ने होलागढ़ पहुंचकर पड़ताल की तो स्टाक पंजिका और चालान रजिस्टर में गड़बड़झाला नजर आया। कड़ाई हुई तो पता चला नवंबर 2021 माह का खाद्यान्न सीडीपीओ द्वारा बेच दिया गया है।जांच के दौरान पता चला कि खाद्यान्न को होलागढ़ में बने गोदाम में उतारा ही नहीं गया था। बल्कि खाद्यान्न से भरी को आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक अस्पताल सराय गोपाल भदरी सोरांव में उतरवाकर यहीं से बेच दिया गया। ट्रक में 11418 किग्रा गेहूं, 20971 किग्रा चना दाल, छोटे बच्चों को दी जाने वाली 343 किग्रा किट, 5195 लीटर तेल था। इसकी कीमत 26 लाख 98 हजार 637 रुपये है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में सीडीपीओ को दोषी पाया और रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। इसी क्रम में अब मुकदमा दर्ज हुआ। डीपीओ पंकज मिश्र ने बताया 20 जनवरी को नैफेड से ट्रक में माल लादकर ड्राइवर चला तो उसे रामजनम ने बताया कि पोषाहार को आशीर्वाद डेंटल अस्पताल में उतार दो क्योंकि होलागढ़ में गोदाम की फर्श बन रही है। 21 फरवरी को सुबह यही पूरा माल उतारा गया। चालान पर मोहर भी नहीं लगाई और बताया कि मोहर वह कार्यालय में भूल गए हैं। नैफेड के मदर हब रोहित तिवारी ने फोन पर बात की और ड्राइवर से कहा कि वह चालान बाद में ले लेंगे। फिर इस माल को रामजनम ने बेच डाला। मामले की जांच कर रही दो सदस्यीय जांच टीम ने क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बयान दर्ज किया। जिसमें यह पुष्टि हुई कि नवंबर माह का पोषाहार किसी को नहीं मिला है। ट्रक ड्राइवर, नेफैड कर्मचारी व सीडीपीओ की मिलीभगत से पूरा माह का पोषाहार बेच दिया गया।

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प्रयागराज। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में 26 लाख का पोषाहार बेचने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। डीपीओ पंकज मिश्रा की तहरीर पर होलागढ़ थाने में आरोपी सीडीपीओ रामजनम यादव के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, फ्राड समेत 13 विभिनन धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। इससे पहले रामजनम को होलागढ़ सीडीपीओ के पद से हटाकर डीपीओ कार्यालय प्रयागराज से संबंद्ध किया गया था। अब उन पर कानूनी व विभागीय कार्रवाई होगी। इसके अलावा ट्रक चालक सोनू निषाद निवासी घूरपुर बीकर व नेफेड कर्मचारी रोहित तिवारी भी नामजद हुए हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री से 17 फरवरी को होलागढ़ के सीडीपीओ की शिकायत पहुंची थी। आरोप लगाया गया था कि एक माह का खाद्यान्न बेच दिया गया है। डीएम के आदेश पर डीपीओ समेत दो सदस्यीय जांच टीम गठित हुई। 18 फरवरी ने टीम ने होलागढ़ पहुंचकर पड़ताल की तो स्टाक पंजिका और चालान रजिस्टर में गड़बड़झाला नजर आया। कड़ाई हुई तो पता चला नवंबर 2021 माह का खाद्यान्न सीडीपीओ द्वारा बेच दिया गया है।जांच के दौरान पता चला कि खाद्यान्न को होलागढ़ में बने गोदाम में उतारा ही नहीं गया था। बल्कि खाद्यान्न से भरी को आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक अस्पताल सराय गोपाल भदरी सोरांव में उतरवाकर यहीं से बेच दिया गया। ट्रक में 11418 किग्रा गेहूं, 20971 किग्रा चना दाल, छोटे बच्चों को दी जाने वाली 343 किग्रा किट, 5195 लीटर तेल था। इसकी कीमत 26 लाख 98 हजार 637 रुपये है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में सीडीपीओ को दोषी पाया और रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। इसी क्रम में अब मुकदमा दर्ज हुआ। डीपीओ पंकज मिश्र ने बताया 20 जनवरी को नैफेड से ट्रक में माल लादकर ड्राइवर चला तो उसे रामजनम ने बताया कि पोषाहार को आशीर्वाद डेंटल अस्पताल में उतार दो क्योंकि होलागढ़ में गोदाम की फर्श बन रही है। 21 फरवरी को सुबह यही पूरा माल उतारा गया। चालान पर मोहर भी नहीं लगाई और बताया कि मोहर वह कार्यालय में भूल गए हैं। नैफेड के मदर हब रोहित तिवारी ने फोन पर बात की और ड्राइवर से कहा कि वह चालान बाद में ले लेंगे। फिर इस माल को रामजनम ने बेच डाला। मामले की जांच कर रही दो सदस्यीय जांच टीम ने क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बयान दर्ज किया। जिसमें यह पुष्टि हुई कि नवंबर माह का पोषाहार किसी को नहीं मिला है। ट्रक ड्राइवर, नेफैड कर्मचारी व सीडीपीओ की मिलीभगत से पूरा माह का पोषाहार बेच दिया गया।

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