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सेना से रिटायर होकर गांव लौटे भारतीय सैनिक किया स्वागत

राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक  स्व राजकिशोर मिश्र के बेटे है सेना का जवान
प्रतापगढ़ । देश की सीमाओं पर अपनी जान हथेली पर रखकर भारतवर्ष तथा भारतियों की रक्षा करने वाले वीर जवानों का अपने सेवाकल को पूरा कर लौटना एक नए जीवन मिलने के बराबर होता है। सेना में सेवा देने वाले के परिवार वालों में हमेशा एक डर रहता है। कि कहीं सीमा पर तैनात हमारा अपना बेटा, पिता, पति किसी दुश्मन की गोली का शिकार ना हो जाए। लेकिन वहीं सैनिक जब अपनी सेवाएं पूरी कर अपने घर और गांव वापस लौटता है तो परिवार, दोस्त, संबंधी, नाते-रिश्तेदारों की खुशियों को ठिकाना ही नहीं रहता है। सोमवार को जब सेना में 26 वर्ष तक  देश के लिये सेवा देकर जब शहर के घर विकास भवन (रूपापुर) में पहुँचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एएससी(आर्मी स्पलाई कोर) से सेवानिवृत्त हुए हवलदार आदित्य कुमार मिश्र  पिता स्व राजकिशोर मिश्र   निवासी गजराही शहर की जमीन पर अपने कदम रखें। उनके कदम रखते ही परिजन और क्षेत्रवासी ने अपने गले से सेना के जवान को गले सगा लिया। इसके बाद आतिशबाजी और फुल-मालाओं से उनका जबरदस्त स्वागत किया गया। वहीं ढोल-नगाड़े के साथ एक भव्य के साथ लोगो ने ख़ुसी जाहिर की। बतादें, कि हवलदार आदित्य कुमार मिश्र ने वर्ष 22फरवरी 1996  में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। उन्होंने भारतीय सेना में कई प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त किये है। जम्मू,पठानकोट, कश्मीर में राजौरी, पुंछ, , बीकानेर राजस्थान में , मध्य प्रदेश महू, और श्रीनगर आर.आर. ,अनंतनाग, जम्मू एंड कश्मीर,असम दीमापुर,दिल्ली अन्य जगह पर अपनी कड़ी मेहनत के साथ ड्यूटी दिया। सैनिक के सकुशल सेवानिवृत्त होकर गांव लौटने पर गांववासियों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। सैनिक ने ग्रामीणों का आभार जताते हुए अपने सेना के अनुभवों को सबसे के साथ साझा किया तथा गांव के नौजवानों से भारतीय सेना में जाकर भारत माता की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

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राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक  स्व राजकिशोर मिश्र के बेटे है सेना का जवान
प्रतापगढ़ । देश की सीमाओं पर अपनी जान हथेली पर रखकर भारतवर्ष तथा भारतियों की रक्षा करने वाले वीर जवानों का अपने सेवाकल को पूरा कर लौटना एक नए जीवन मिलने के बराबर होता है। सेना में सेवा देने वाले के परिवार वालों में हमेशा एक डर रहता है। कि कहीं सीमा पर तैनात हमारा अपना बेटा, पिता, पति किसी दुश्मन की गोली का शिकार ना हो जाए। लेकिन वहीं सैनिक जब अपनी सेवाएं पूरी कर अपने घर और गांव वापस लौटता है तो परिवार, दोस्त, संबंधी, नाते-रिश्तेदारों की खुशियों को ठिकाना ही नहीं रहता है। सोमवार को जब सेना में 26 वर्ष तक  देश के लिये सेवा देकर जब शहर के घर विकास भवन (रूपापुर) में पहुँचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एएससी(आर्मी स्पलाई कोर) से सेवानिवृत्त हुए हवलदार आदित्य कुमार मिश्र  पिता स्व राजकिशोर मिश्र   निवासी गजराही शहर की जमीन पर अपने कदम रखें। उनके कदम रखते ही परिजन और क्षेत्रवासी ने अपने गले से सेना के जवान को गले सगा लिया। इसके बाद आतिशबाजी और फुल-मालाओं से उनका जबरदस्त स्वागत किया गया। वहीं ढोल-नगाड़े के साथ एक भव्य के साथ लोगो ने ख़ुसी जाहिर की। बतादें, कि हवलदार आदित्य कुमार मिश्र ने वर्ष 22फरवरी 1996  में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। उन्होंने भारतीय सेना में कई प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त किये है। जम्मू,पठानकोट, कश्मीर में राजौरी, पुंछ, , बीकानेर राजस्थान में , मध्य प्रदेश महू, और श्रीनगर आर.आर. ,अनंतनाग, जम्मू एंड कश्मीर,असम दीमापुर,दिल्ली अन्य जगह पर अपनी कड़ी मेहनत के साथ ड्यूटी दिया। सैनिक के सकुशल सेवानिवृत्त होकर गांव लौटने पर गांववासियों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। सैनिक ने ग्रामीणों का आभार जताते हुए अपने सेना के अनुभवों को सबसे के साथ साझा किया तथा गांव के नौजवानों से भारतीय सेना में जाकर भारत माता की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

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