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नाबार्ड की गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की कार्यशाला सम्पन्न

एनजीओ या गैर-सरकारी संगठनों को सरकारी संगठनों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के अधिक फायदे हैं क्योंकि गैर-सरकारी संगठन अधिक लचीले हैं, ऐसे संगठन एक विशेष इलाके के लिए विशिष्ट होते हैं साथ ही पूरी तरह से जनता और समुदाय की सेवा करने के प्रति प्रतिबद्ध भी। यह उद्दगार डी डी एम नाबार्ड बृजेन्द्र कुमार ने व्यक्त किया। इस अवसर पर एल डी एम अमित बाजपेयी ने कहा कि गैर-सरकारी संगठन अब विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों को आकर्षित कर रहे हैं और विकास योजनाओं के योजनाकारों और कार्यान्वयन प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं, साथ ही क्षेत्रीय विकास के लिए उपयोग किए जाने वाले स्थानीय संसाधनों को एकत्रित करने में सहायता करते हैं। बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक ने अपने उद्बोधन में कहा कि गैर-सरकारी संगठन एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ समाज बनाने में सहायता प्रदान करते हैं और लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं।  पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक विकास पंकज ने बताया कि गैर-सरकारी संगठन वास्तव में विकास, शिक्षा और व्यवसायीकरण, औद्योगीकरण जैसी विकास की सुविधाओं को प्रदान करने में सहायक होते हैं। बड़ौदा स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के वित्तीय साक्षरता एवं ऋण समन्वयक शिशिर खरे ने कहा कि  कई गैर-सरकारी संगठन सरकार के सहयोग से भारत के ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस कार्यशाला में ज्ञानेश सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन करने के लिये लोगों को प्रेरित किया। धर्मेन्द्र सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीकों में ड्रोन की महत्ता पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रबंधक अजीत मिश्रा, अखिलेश सिंह, कड़ेदीन श्रीवास्तव, पवन सिंह, हेमलता श्रीवास्तव, सीमा सरोज, मोनी बेगम, यतीन्द्र तिवारी, अमर पाल, शांतनु सिंह, अमृता दुबे, संजीव कुमार, कंचन मौर्य सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्र से कई गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थिति थे।

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एनजीओ या गैर-सरकारी संगठनों को सरकारी संगठनों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के अधिक फायदे हैं क्योंकि गैर-सरकारी संगठन अधिक लचीले हैं, ऐसे संगठन एक विशेष इलाके के लिए विशिष्ट होते हैं साथ ही पूरी तरह से जनता और समुदाय की सेवा करने के प्रति प्रतिबद्ध भी। यह उद्दगार डी डी एम नाबार्ड बृजेन्द्र कुमार ने व्यक्त किया। इस अवसर पर एल डी एम अमित बाजपेयी ने कहा कि गैर-सरकारी संगठन अब विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों को आकर्षित कर रहे हैं और विकास योजनाओं के योजनाकारों और कार्यान्वयन प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं, साथ ही क्षेत्रीय विकास के लिए उपयोग किए जाने वाले स्थानीय संसाधनों को एकत्रित करने में सहायता करते हैं। बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक ने अपने उद्बोधन में कहा कि गैर-सरकारी संगठन एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ समाज बनाने में सहायता प्रदान करते हैं और लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं।  पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक विकास पंकज ने बताया कि गैर-सरकारी संगठन वास्तव में विकास, शिक्षा और व्यवसायीकरण, औद्योगीकरण जैसी विकास की सुविधाओं को प्रदान करने में सहायक होते हैं। बड़ौदा स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के वित्तीय साक्षरता एवं ऋण समन्वयक शिशिर खरे ने कहा कि  कई गैर-सरकारी संगठन सरकार के सहयोग से भारत के ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस कार्यशाला में ज्ञानेश सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन करने के लिये लोगों को प्रेरित किया। धर्मेन्द्र सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीकों में ड्रोन की महत्ता पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रबंधक अजीत मिश्रा, अखिलेश सिंह, कड़ेदीन श्रीवास्तव, पवन सिंह, हेमलता श्रीवास्तव, सीमा सरोज, मोनी बेगम, यतीन्द्र तिवारी, अमर पाल, शांतनु सिंह, अमृता दुबे, संजीव कुमार, कंचन मौर्य सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्र से कई गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थिति थे।

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