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जीवन प्रकाश पर गरजे जीवन बीमा कर्मी

एलआईसी आईपीओ का प्रस्ताव सेबी के पास भेजे जाने का बीमा कर्मियों ने किया जबरदस्त विरोध
प्रयागराज। 13 फरवरी को भारत सरकार के दिशा-निर्देश पर एलआईसी प्रबंधन के द्वारा सेबी के पास एलआईसी आईपीओ से संबंधित डीआरएचपी प्रस्ताव भेजे जाने का बीमा कर्मियों ने पूरे देश भर में जबरदस्त तरीके से विरोध किया है। प्रथम, द्वितीय, तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों तथा अभिकर्ता  संगठनों ने सम्मिलित तरीके से एकजुट होकर भारत सरकार के इस रवैया का जबरदस्त विरोध किया तथा आगे जनता के बीच में जाकर के आईपीओ के विरोध का निर्णय किया है। इस आशय की एक द्वार  सभा आज एलआईसी के मंडल कार्यालय “जीवन प्रकाश” के द्वार पर कर्मचारियों की एक संयुक्त सभा हुई। जिसमें कर्मचारी नेताओं ने भारत सरकार की इस देश था जनविरोधी कदम की घोर भर्त्सना की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए इलाहाबाद डिविजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के पूर्व अध्यक्ष व महामंत्री अविनाश कुमार मिश्र ने कहा कि आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में भारतवर्ष में जो प्रगति दिखाई दे रही है उसमें एलआईसी के द्वारा एकत्रित की गई धनराशि का सबसे अधिक योगदान है। सड़कें, बिजली, पानी, परिवहन, पुल, बांध गोदी, फ्लाईओवर, रेलवे, टेलीकॉम समेत जीवन का कोई क्षेत्र नहीं बचा है जिसमें एलआईसी ने अपना योगदान ना किया हो। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार ने आईपीओ के द्वारा एलआईसी का जो 5% शेयर  निवेश करने का फैसला किया है वह  आने वाले समय में एलआईसी को निजी हाथों में देने की एक  योजना है। अविनाश मिश्रा ने आगे कहा कि एक ओर एलआईसी 24 निजी बीमा कंपनियों के रहते हुए आज भी बीमा बाजार में 70% एकाधिकार बनाए रखा है वहीं विश्व की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों जैसे एआईजी तथा  चाइनीज लाइफ इंश्योरेंस का बाजार में हिस्सा क्रमशः 14% तथा 20% ही है। बीमा बाजार में 70% हिस्सेदारी एलआईसी के प्रति जनता का अटूट विश्वास को दर्शाता है। भारत सरकार आईपीओ ला करके एलआईसी के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त कर के देश की बचतो  को देशी-विदेशी कारपोरेट के हाथों सौंपना चाहती है जिसका की जनता के बीच में जाकर के भरपूर विरोध किया जाएगा। सभा को संबोधित करते हुए क्लास वन ऑफिसर यूनियन के महामंत्री वीके राय ने कहा कि आज भारत सरकार तथा एलआईसी प्रबंधन एलआईसी कर्मचारियों पॉलिसी होल्डर तथा अभि कर्ताओं को डिमैट अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित कर रही है जिससे यह दिखा सके कि एलआईसी के लोग ही आईपीओ में निवेश करके इसका निजीकरण चाहते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि कि प्रत्येक बीमा कर्मी तथा पॉलिसीहोल्डर और अभिकर्ताओं के बीच में जाकर के आईपीओ का विरोध करें। सभा को एस के रस्तोगी अजय सचदेव, ललित मोहन चौधरी मोतीलाल, जगमोहन मेहरोत्रा, आसिफ सिद्दीकी समेत अनेक लोगों ने संबोधित किया। सभा का संचालन अविनाश चंद्र श्रीवास्तव तथा अध्यक्षता आर के दोहरे ने किया।

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एलआईसी आईपीओ का प्रस्ताव सेबी के पास भेजे जाने का बीमा कर्मियों ने किया जबरदस्त विरोध
प्रयागराज। 13 फरवरी को भारत सरकार के दिशा-निर्देश पर एलआईसी प्रबंधन के द्वारा सेबी के पास एलआईसी आईपीओ से संबंधित डीआरएचपी प्रस्ताव भेजे जाने का बीमा कर्मियों ने पूरे देश भर में जबरदस्त तरीके से विरोध किया है। प्रथम, द्वितीय, तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों तथा अभिकर्ता  संगठनों ने सम्मिलित तरीके से एकजुट होकर भारत सरकार के इस रवैया का जबरदस्त विरोध किया तथा आगे जनता के बीच में जाकर के आईपीओ के विरोध का निर्णय किया है। इस आशय की एक द्वार  सभा आज एलआईसी के मंडल कार्यालय “जीवन प्रकाश” के द्वार पर कर्मचारियों की एक संयुक्त सभा हुई। जिसमें कर्मचारी नेताओं ने भारत सरकार की इस देश था जनविरोधी कदम की घोर भर्त्सना की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए इलाहाबाद डिविजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के पूर्व अध्यक्ष व महामंत्री अविनाश कुमार मिश्र ने कहा कि आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में भारतवर्ष में जो प्रगति दिखाई दे रही है उसमें एलआईसी के द्वारा एकत्रित की गई धनराशि का सबसे अधिक योगदान है। सड़कें, बिजली, पानी, परिवहन, पुल, बांध गोदी, फ्लाईओवर, रेलवे, टेलीकॉम समेत जीवन का कोई क्षेत्र नहीं बचा है जिसमें एलआईसी ने अपना योगदान ना किया हो। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार ने आईपीओ के द्वारा एलआईसी का जो 5% शेयर  निवेश करने का फैसला किया है वह  आने वाले समय में एलआईसी को निजी हाथों में देने की एक  योजना है। अविनाश मिश्रा ने आगे कहा कि एक ओर एलआईसी 24 निजी बीमा कंपनियों के रहते हुए आज भी बीमा बाजार में 70% एकाधिकार बनाए रखा है वहीं विश्व की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों जैसे एआईजी तथा  चाइनीज लाइफ इंश्योरेंस का बाजार में हिस्सा क्रमशः 14% तथा 20% ही है। बीमा बाजार में 70% हिस्सेदारी एलआईसी के प्रति जनता का अटूट विश्वास को दर्शाता है। भारत सरकार आईपीओ ला करके एलआईसी के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त कर के देश की बचतो  को देशी-विदेशी कारपोरेट के हाथों सौंपना चाहती है जिसका की जनता के बीच में जाकर के भरपूर विरोध किया जाएगा। सभा को संबोधित करते हुए क्लास वन ऑफिसर यूनियन के महामंत्री वीके राय ने कहा कि आज भारत सरकार तथा एलआईसी प्रबंधन एलआईसी कर्मचारियों पॉलिसी होल्डर तथा अभि कर्ताओं को डिमैट अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित कर रही है जिससे यह दिखा सके कि एलआईसी के लोग ही आईपीओ में निवेश करके इसका निजीकरण चाहते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि कि प्रत्येक बीमा कर्मी तथा पॉलिसीहोल्डर और अभिकर्ताओं के बीच में जाकर के आईपीओ का विरोध करें। सभा को एस के रस्तोगी अजय सचदेव, ललित मोहन चौधरी मोतीलाल, जगमोहन मेहरोत्रा, आसिफ सिद्दीकी समेत अनेक लोगों ने संबोधित किया। सभा का संचालन अविनाश चंद्र श्रीवास्तव तथा अध्यक्षता आर के दोहरे ने किया।

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