आरोपियों को पकड़ने में पुलिस प्रशासन क्यों डगमगा रही
कौशांबी। सैनी कोतवाली क्षेत्र के ख्वाचकी मई गांव में एक फरवरी को चित्रा देवी उर्फ मोहिनी का गला घोट कर हत्या कर दी गई घटना के चार दिन बाद एफ आई आर किसी तरह दर्ज हुआ सैनी कोतवाली एफ आई आर दर्ज करने में चार दिन तक आनाकानी करती रही और पीड़ित चित्रा के पिता चंद्रिका प्रसाद कोतवाली का चक्कर काटते रहे आरोपियों को पुलिस क्यों बचाने में जुटी है एफआईआर को चौबीस घंटे से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया सिराथू सीओ से बात करने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो रही सिराथू सीओ ने आश्वासन दिया था कि हम प्रशासन भेज कर तुरंत गिरफ्तार करवाते हैं लेकिन यह भी एक दिखावा जैसा हो गया आरोपियों के यहां अभी एक सिपाही भी नहीं पहुंचा है प्रशासन की तो छोड़िए बात आखिरकार पुलिस आरोपियों को बचाने में क्यों जुटी है अगर ऐसा रहा तो गरीब को न्याय कहां मिलेगा जानकारी के मुताबिक करारी थाना क्षेत्र के उखैयाखास गांव की चित्रा देवी पुत्री चंद्रिका प्रसाद की शादी हिंदू रीति रिवाज से सैनी थाना क्षेत्र के ख्वाचकी मई गांव में जितेंद्र कुमार मौर्य के साथ दस जून 2020 को हुई थी चित्रा के पिता चंद्रिका प्रसाद मौर्य ने अपनी बेटी को आपने हैसियत के बराबर दहेज दिया था लेकिन उतने में दहेज लोभियों का पेट नहीं भरा उनकी तो और डिमांड होने लगी थी दहेज की डिमांड ना पूरी होने पर बेटी को मौत के घाट उतार दिया और चित्रा की एक नाबालिक सात माह की बेटी भी है उसका भी दहेज लोभियों ने बेटी के ऊपर से मां का साया ही उठा दिया सात माह की बेटी को भी अनाथ कर दिया गया इतनी दरिंदगी करने के बाद भी सलाखों के पीछे होना चाहिए था आरोपियों को लेकिन अभी खुलेआम सारे आरोपी घूम रहे हैं आखिर पुलिस क्यों डगमगा रही है आरोपियों को गिरफ्तार करने में?



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