जानेमन’ में इलाहाबाद को मशहूर कर गईं लता मंगेशकर:
राज्य ब्यूरो प्रमुख। लता मंगेशकर भले ही प्रयागराज न आई हों, लेकिन वह अपनी सुरीली आवाज के जरिए इलाहाबाद (अब प्रयागराज) को महशूर कर गईं। शायद आपको यह याद होगा कि 1976 में चेतन आनंद के निर्देशन में जानेमन एक फिल्म आई थी। जिसमे हेमा मालिनी इस फिल्म की नायिका थीं और उनका नाम रामकली था। इस फिल्म के एक गाने में लता मंगेशकर की सुरीली आवाज भी है, जिसमें इलाहाबाद को भी फोकस किया गया था। लता ने गाया था- इलाहाबाद में पैदा हुई मैं… जबलपुर में पली, अब बंबई है अड्डा मेरा, ये बदनाम सी गली.. मेरा नाम हाय राम-हाय राम रामकली… यह गाना उन दिनों खूब पसंद किया जाता था। रविवार को जब उनके निधन की सूचना मिली, तो प्रयागराज में भी जनता शोकाकुल हो गई। कुछ लोगों ने जानेमन फिल्म के इस गाने काे अपना वाट्सएप स्टेटस बनाया, तो कुछ लोगों ने इसे अपने चिर परिचितों को सेंड कर प्रयागराज से उनका नाता जोड़ दिया।
संगम स्नान करने की इच्छा रही गयी अधूरी
वरिष्ठ कवि और लेखक यश मालवीय कहते हैं कि मुझे जहां तक जानकारी है, लता दीदी प्रयागराज नहीं आई थीं। ऐसा कहा जाता है कि कहीं जाते समय प्रयागराज स्टेशन पर वह पांच मिनट के लिए रुकी थीं। प्रयागराज के कुछ लोग उनसे मिलने स्टेशन पर गए थे। भजन गायक मनोज गुप्ता 12 वर्ष पहले संगीतांजलि परिवार के साथ मुंबई गए थे। वहां लता दीदी से उनकी मुलाकात भी हुई थी। दीदी ने यह भी कहा था कि संगम आने की इच्छा उनकी भी है। यदि मौका मिला तो वह जरूर आएंगी। वरिष्ठ कवि श्लेष गौतम कहते हैं, लता दीदी की हम लोगों के बीच में अब नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा हम लोगों के कान में गूंजती रहेंगी।



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