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ठिठुरन मे ठिठुरते नजर आ रहे है आम आदमी

ठंड से बचाव के लिए अलाव जलवाए प्रशासन
रूदौली-अयोध्या। कई दिनों से ठंड हवाओं के चलने एवं तापमान में भारी गिरावट के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। आम आदमी ,पशुओं, पक्षियों के ऊपर संकट आ गया है। तेज धूप न निकलने से आर्थिक कारोबार प्रभावित हो गया है। गरीब परिवारों. मजदूरों, आदि संकट झेलने पर मजबूर है।सभी गाँवों,वार्डों मे सरकारी अलाव न जलने से गरीब ठिठुरते नजर आ रहे है। जिन जरूरत मंदों को  अभी तक सरकारी कम्बल नहीं मिला है उन परिवारों का दिन कैसे बीतता है या गुजर रहा है यह तो  ठंड से प्रभावित पीड़ित परिवार ही बता सकता है।गरीब परिवारों की रातें कैसे गुजरती है जिन जरूरत मंद परिवार को सरकारी कम्बल भी नहीं मिला है। 100% सच्चाई ठंड व शीतलहर झेल रहे परिवार  ही बता सकते है।जी के पांव न जाय वेवांई ऊ का जानय पीर पराई। गरीबों  परिवारों को शीतकाल कैसे परेशान कर रहा है। वातानुकूलित जीवन बिताने वाले जिम्मेदार एहसास नहीं कर सकते है।सरकारी कम्बल वितरण जरूरत को देखते हुए ऊँट के मुँह मे जीरा सावित हो रहा है। ठंड को देखते हुए तत्काल प्रभाव से बचाव कार्य न हुआ तो ठंड से बीमार होने, अनहोनी की खबरें आने का सिलशिला शुरू हो सकता है।

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ठंड से बचाव के लिए अलाव जलवाए प्रशासन
रूदौली-अयोध्या। कई दिनों से ठंड हवाओं के चलने एवं तापमान में भारी गिरावट के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। आम आदमी ,पशुओं, पक्षियों के ऊपर संकट आ गया है। तेज धूप न निकलने से आर्थिक कारोबार प्रभावित हो गया है। गरीब परिवारों. मजदूरों, आदि संकट झेलने पर मजबूर है।सभी गाँवों,वार्डों मे सरकारी अलाव न जलने से गरीब ठिठुरते नजर आ रहे है। जिन जरूरत मंदों को  अभी तक सरकारी कम्बल नहीं मिला है उन परिवारों का दिन कैसे बीतता है या गुजर रहा है यह तो  ठंड से प्रभावित पीड़ित परिवार ही बता सकता है।गरीब परिवारों की रातें कैसे गुजरती है जिन जरूरत मंद परिवार को सरकारी कम्बल भी नहीं मिला है। 100% सच्चाई ठंड व शीतलहर झेल रहे परिवार  ही बता सकते है।जी के पांव न जाय वेवांई ऊ का जानय पीर पराई। गरीबों  परिवारों को शीतकाल कैसे परेशान कर रहा है। वातानुकूलित जीवन बिताने वाले जिम्मेदार एहसास नहीं कर सकते है।सरकारी कम्बल वितरण जरूरत को देखते हुए ऊँट के मुँह मे जीरा सावित हो रहा है। ठंड को देखते हुए तत्काल प्रभाव से बचाव कार्य न हुआ तो ठंड से बीमार होने, अनहोनी की खबरें आने का सिलशिला शुरू हो सकता है।

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