प्रतापगढ़ । शहर के सदर बाजार में नव वर्ष के अवसर पर एक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिस में उपस्थित कवियों ने विभिन्न प्रकार की रचनाओं को पढ़ कर प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया तथा एक दूसरे को नव वर्ष की बधाई दी । कार्यक्रम की शुरुआत गजेंद्र सिंह ‘ विकट’ की वाणी वंदना के बाद उन्होने नववर्ष पर आधारित अपनी कविता कुछ यू पढी ‘मेरे भगवान ये दो वरदान, नया साल प्यारा लगे को पढी लोगों ने खूब सराहा तथा हथेलियों से नवाजा साहित्यकार अनूप त्रिपाठी अपनी व्यंग की रचना ‘चुनाव आते ही नेतागण फलसफा बताते हैं हिन्दू मुस्लिम में ये ही भेद बतातें हैं से वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य पर तंज कसा । अनिल त्रिपाठी प्रवात ने भी अपनी कविता से लोगो को आह्लादित कर दिया उन्होने नव वर्ष की बधाई भी दी । कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार संजय द्विवेदी ने भी नववर्ष पर आधारित अपनी कविता सुना कर लोगों को मन्त्र मुग्ध कर दिया । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विजय प्रताप त्रिपाठी ने कहा कि कवि समाज का दर्पण होता है और यही लोग समाज प्रेम सदभावना का संचार करते के साथ समाज में व्याप्त बुराइयों को भी बताने का काम करते हुए लोगो को सचेत भी करते हैं । इस मौके पर दर्जनो साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी रहे ।



उत्तरप्रदेश








शेयर करें




































































