प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। नगर में यातायात संचालन को व्यवस्थित करने के सभी दावे तार तार दिख रहे है। इससे जाम लगना आम बात हो गई है। नगर में यातायात का कोई नियम कानून वैसे भी कभी कामयाब नहीं हो पाता। भारी वाहनो का आवागमन शहर में इस तरह होता है जैसे साइकिल व रिक्शा। कई वर्ष पूर्व पुलिस ने नगर में भारी वाहन दिन के समय आने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके लिए प्रमुख चैराहो एवं तिराहो पर भारी वाहन प्रवेश वर्जित के बोर्ड भी लगे थे। कुछ दिन तक तो इस प्रतिबंध का पालन किया गया। फिर सब कुछ सामान्य हो गया। भारी वाहनो का आवागमन तो अब और बढ़ गया है। इससे नगर का सामान्य आवागमन भी प्रभावित होता है। इसके अलावा जीप, टेम्पो, कार ई-रिक्शा के आवागमन का कोई नियम नहीं है। इतना ही नहीं इनके अड्डो भी निर्धारित नहीं है। यातायात व्यवस्था सुधारने की कवायद पुलिस प्रशासन करके शायद थक चुका है। जाम की समस्या से निजात मिल पाने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे है। नगर में जाम लगने के पीछे अतिक्रमण भी प्रमुख कारण है। चैक ठठेरी बाजार, प्रयागराज, अयोध्या मार्ग, सब्जी मंडी, पंजाबी मार्केट सहित भीड़भाड़ वाले इलाको में जाम की समस्या अधिक है। यहां पर सड़क की पटरी तो दिखती ही नहीं है। वहां तक दुकानदारो का कब्जा रहता है।
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। नगर में यातायात संचालन को व्यवस्थित करने के सभी दावे तार तार दिख रहे है। इससे जाम लगना आम बात हो गई है। नगर में यातायात का कोई नियम कानून वैसे भी कभी कामयाब नहीं हो पाता। भारी वाहनो का आवागमन शहर में इस तरह होता है जैसे साइकिल व रिक्शा। कई वर्ष पूर्व पुलिस ने नगर में भारी वाहन दिन के समय आने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके लिए प्रमुख चैराहो एवं तिराहो पर भारी वाहन प्रवेश वर्जित के बोर्ड भी लगे थे। कुछ दिन तक तो इस प्रतिबंध का पालन किया गया। फिर सब कुछ सामान्य हो गया। भारी वाहनो का आवागमन तो अब और बढ़ गया है। इससे नगर का सामान्य आवागमन भी प्रभावित होता है। इसके अलावा जीप, टेम्पो, कार ई-रिक्शा के आवागमन का कोई नियम नहीं है। इतना ही नहीं इनके अड्डो भी निर्धारित नहीं है। यातायात व्यवस्था सुधारने की कवायद पुलिस प्रशासन करके शायद थक चुका है। जाम की समस्या से निजात मिल पाने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे है। नगर में जाम लगने के पीछे अतिक्रमण भी प्रमुख कारण है। चैक ठठेरी बाजार, प्रयागराज, अयोध्या मार्ग, सब्जी मंडी, पंजाबी मार्केट सहित भीड़भाड़ वाले इलाको में जाम की समस्या अधिक है। यहां पर सड़क की पटरी तो दिखती ही नहीं है। वहां तक दुकानदारो का कब्जा रहता है।



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