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साथी समागम के मुशायरे कवि सम्मेलन ने श्रोताओं का मन मोहा

डिम्पल तेरे पति के जैसा कोई नहीं , यूपी में अखिलेश के जैसा कोई नहीं:शायरा शबीना अदीब
अयोध्या । समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित साथी समागम के मुशायरे कवि सम्मेलन ने श्रोताओं का मन मोह लिया। इस दौरान कवियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए समा बांध दिया देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी तादाद में लोगों ने एकत्र होकर कवियों को सुना । मुशायरा/कवि सम्मेलन में पूर्व राज्यसभा सदस्य उदय प्रताप सिंह ने पढ़ा ‘‘न तेरा है न मेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है, अगर समझी गई न बात तो नुकसान सबका है’’ हजारों रास्ते खोजे गए उस तक पहुॅंचने के मगर, पहुॅंचे हुए कह गये भगवान सबका है। कानपुर से पधारी अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायरा शबीना अदीब ने पढ़ा कि: डिम्पल तेरे पति के जैसा कोई नहीं, यूपी में अखिलेश के जैसा कोई नहीं।  फिर उन्होंने अपनी दूसरी रचनाः- खमोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है, अभी ना आयेगी नींद तुमको अभी न तुमको  सुकूं मिलेगा, अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई-नई है को सुनते ही कार्यकर्ताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार को गुजायमान कर दिया।इसी क्रम में स्थानीय शायर जमशेद फैजाबादी ने पढ़ा जलाओ दीप तो फिर रौशनी संभालो भी, तुम अपने दिल से अंधेरों को अब निकालों भी, राम के नाम को रटने से कुछ नहीं होगा। राम की जिंदगी को जिन्दगी में ढालो भी। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन ने किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विधायक लालजी वर्मा रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव संचालन विधानसभा अध्यक्ष शिव बरन यादव पप्पू ने किया ।

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डिम्पल तेरे पति के जैसा कोई नहीं , यूपी में अखिलेश के जैसा कोई नहीं:शायरा शबीना अदीब
अयोध्या । समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित साथी समागम के मुशायरे कवि सम्मेलन ने श्रोताओं का मन मोह लिया। इस दौरान कवियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए समा बांध दिया देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी तादाद में लोगों ने एकत्र होकर कवियों को सुना । मुशायरा/कवि सम्मेलन में पूर्व राज्यसभा सदस्य उदय प्रताप सिंह ने पढ़ा ‘‘न तेरा है न मेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है, अगर समझी गई न बात तो नुकसान सबका है’’ हजारों रास्ते खोजे गए उस तक पहुॅंचने के मगर, पहुॅंचे हुए कह गये भगवान सबका है। कानपुर से पधारी अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायरा शबीना अदीब ने पढ़ा कि: डिम्पल तेरे पति के जैसा कोई नहीं, यूपी में अखिलेश के जैसा कोई नहीं।  फिर उन्होंने अपनी दूसरी रचनाः- खमोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है, अभी ना आयेगी नींद तुमको अभी न तुमको  सुकूं मिलेगा, अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई-नई है को सुनते ही कार्यकर्ताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार को गुजायमान कर दिया।इसी क्रम में स्थानीय शायर जमशेद फैजाबादी ने पढ़ा जलाओ दीप तो फिर रौशनी संभालो भी, तुम अपने दिल से अंधेरों को अब निकालों भी, राम के नाम को रटने से कुछ नहीं होगा। राम की जिंदगी को जिन्दगी में ढालो भी। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन ने किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विधायक लालजी वर्मा रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव संचालन विधानसभा अध्यक्ष शिव बरन यादव पप्पू ने किया ।

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